Success Story IAS Kavita Ramu : आईएएस बनना एक ऐसा ख्वाब है, जिसे हकीकत में बदलने के लिए लोग अपना बड़ा से बड़ा पैशन तक छोड़ देते हैं. सक्सेस स्टोरी में आज हम आपके लिए ऐसी ही एक शख्सियत की कहानी लेकर आए हैं, जो कमाल की भरतनाट्यम डांसर थीं. फिर उन्होंने अपने पिता से प्रेरित होकर आईएएस भी बनना तय किया. इनका नाम है आईएएस कविता रामू. आइए जानते हैं इनकी लाइफ की जर्नी के बारे में.
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आईएएस कविता रामू का जन्म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था. उनके पिता आईएएस अफसर और मां मनिमेगली शादी से पहले तक इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर थीं. कविता के माता-पिता ने उन्हें पढ़ाई के साथ उनकी कला में रुचि को भी प्रोत्साहित किया. कविता ने चार साल की उम्र से डांस की प्रोफेशनल डांस की ट्रेनिंग लेने लगी थीं. वह 600 से अधिक शो में सोलो परफॉर्मेंस दे चुकी हैं.
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कविता रामू ने गुरु नीला से भरतनाट्यम का शुरुआती पाठ सीखा. इसके बाद जल्द ही यह उनका जुनून बन गया. साल 1981 में 8 साल की उम्र में उन्हें पांचवें विश्व तमिल सम्मेलन में प्रदर्शन करने का मौका मिला था. उन्होंने डांस का थ्योरेटिकल ज्ञान जाकिर हुसैन (Shri Zakir Hussain) से हासिल किया है. हालांकि डांस के साथ में उन्होंने पढ़ाई भी जारी रखी. कविता की शुरुआती पढ़ाई तमिलनाडु के भिन्न-भिन्न शहरों में हुई है.
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उन्होंने इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. साथ ही उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीजी भी किया. वह कॉलेज टॉपर रही थीं. इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अफसर बनना तय किया. इसके लिए कविता ने यूपीएसी की तैयारी शुरू की. कविता ने साल 1999 में तमिनाडु स्टेट सिविस सर्विस परीक्षा पास की. लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनने का था. उन्होंने भरतनाट्यम डांस के साथ यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और 2002 में उनकी मेहनत रंग लाई.
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कविता रामू अपने आईएएस पिता से काफी प्रेरित थीं. इसलिए उन्होंने भी अपने पिता की तरह आईएएस बनने का फैसला किया. कविता न सिर्फ यूपीएससी क्रैक करने में सफल रहीं बल्कि शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में भी अपना नाम बनाया. उन्होंने अपने पैशन और प्रोफेशन को साथ रखने में सफल रहीं. प्रोफेशन के साथ पैशन फॉलो करने वाले बहुत कम लोग होते हैं. कविता रामू एक मिसाल हैं.






