Alwar : 200 साल पुराना है भगवान जगन्नाथ का ये इंद्र विमान, साल में निकलता है सिर्फ एक बार

पीयूष पाठक/ अलवर. पुरी की तर्ज पर अलवर शहर में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ 16 जून को गणेश पूजन के साथ हो गया. इसी के साथ शहर में तैयारी भी शुरू हो गयी है. रोजाना मंदिर मे कीर्तन चल रहे है. जगन्नाथ की सवारी कहे जाने वाले इंद्र विमान को महल चौक स्तिथ रथ खाने से 22 जून को सुबह करीब 10 बजे निकाला जाएगा. इसके बाद इसकी मरम्मत की जाएगी. मंदिर के महंत के अनुसार इंद्र विमान करीब 200 साल से भी ज्यादा पुराना है. जगन्नाथ रथ उत्सव 6 दिनों का होता है. इसमें आषाढ़ शुक्ल एकादशी को वरमाला महोत्सव किया जाता है. धार्मिक आस्था को देखते हुए महाराजा जयसिंह ने वरमाला महोत्सव के दिन का अलवर शहर में अवकाश घोषित किया. तब से जगन्नाथ मेले में वरमाला के दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है.

मंदिर के महंत देवेंद्र शर्मा ने बताया शहर की जगन्नाथ रथ यात्रा एक त्योहार के रूप में शहरवासी मनाते हैं. इस साल 27 जून को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलेगी. जिसमें भगवान इंद्र विमान में सवार होकर शहर का भ्रमण करते हुए 6 किलोमीटर दूर रूपबास मंदिर पहुचते है. देवेंद्र शर्मा ने बताया कि जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए इंद्र विमान अलवर के तत्कालीन महाराजा द्वारा मंदिर समिति को दिया गया. पहले इंद्र विमान को 8 हाथियों द्वारा खींचा जाता था. इसके बाद 4 हाथियों से इसे खींचा जाता था. लेकिन जब महाराजा ने हाथी रखना बंद कर दिया तब इंद्र विमान को ट्रैक्टर द्वारा खींचा जाता है. इंद्र विमान दो मंजिल का बना हुआ है. यह 200 साल से भी ज्यादा पुराना रथ है. 22 जून को सुबह 10 बजे रथखाने से रथ को निकाला जाएगा. जगन्नाथ मेले के समय ही इंद्र विमान को जगन्नाथ मंदिर के सामने लाकर खड़ा किया जाता है. इसके बाद यहीं पर इसकी मरम्मत की जाती है. इंद्र विमान की यह खासियत है की सड़क पर खड़ा हुआ व्यक्ति भी रथ की दूसरी मंजिल पर विराजमान जगन्नाथ भगवान के दर्शन दूर से भी आसानी से कर सकता है. देवेंद्र शर्मा ने बताया कि इंद्र विमान सन 1911 में एक बार दिल्ली भी जा चुका है.

चार पीढ़ियों से कारीगर कर रहे मेंटेनेंस

महंत देवेंद्र शर्मा ने बताया कि इंद्र विमान की मरम्मत करने वाले कारीगर करीब चार पीढ़ियों से इसकी मरम्मत कर रहे हैं. हर साल इंद्र विमान की मरम्मत इन्हीं कारीगरों द्वारा की जाती है. इंद्र विमान लकड़ी का बना हुआ है. जिसकी रथ यात्रा से पहले अच्छे से मरम्मत की जाती है.

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FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 14:57 IST

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Author: Jagran Times

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