
आशीष कुमार, पश्चिम चम्पारण.वन क्षेत्र में जंगली जानवरों की चहलकदमी आम बात है. लेकिन यह चहलकदमी अगर ऐसी जगह होने लगे जहां जंगल का नामों निशान न हो, तब मामला गंभीर और डरावना हो जाता है. खासकर बात अगर तेंदुए जैसे आदमखोर जंगली जानवर की हो तो और भी चिंता की बात हो जाती है. वीटीआर वन क्षेत्र के आसपास के गांवों में बाघ और तेंदुए की चहलकदमी के मामले आते ही रहते हैं, लेकिन आज हम आपको चंपारण के एक ऐसे जगह पर तेंदुए की मौजूदगी के बारे में बताएंगे, जहां न तो कोई जंगल है और न ही किसी जंगली जानवर की मौजूदगी.
घर में लगे केले के पौधे पर बैठा था तेंदुए का शावक
दरअसल, यह मामला नौतन प्रखंड के जगदीशपुर पंचायत के हलखोरवा गांव का है, जहां एक घर में लगे केले के पौधे पर तेंदुए का शावक बैठा हुआ मिला. चौंकाने वाली बात यह है कि यहां न तो कोई जंगल है और न ही किसी अन्य जंगली जानवर की मौजूदगी. इसके बावजूद तेंदुए जैसे खूंखार तथा आदमखोर जानवर का मिलना अपने आप में बहुत बड़ा रहस्य है. ग्रामीण अरविंद कुमार सहनी के साथ अन्य ग्रामीणों का मानना है कि तेंदुए का शावक दियारा क्षेत्र से भटककर यहां तक आया है.
लोगों में मची भगदड़
ग्रामीण अरविंद कुमार सहनी ने बताया कि सुबह जब घर में मौजूद लोगों की नजर केले के पौधे पर बैठे तेंदुए के शावक पर पड़ी, तब उनके होश उड़ गए. पलक झपकते ही गांव के लोगों में उसे देखने के लिए भगदड़ मच गई. डर अपनी जगह, लेकिन तेंदुए को देखने का रोमांच अपनी जगह. घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने शावक को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम से संपर्क किया. टीम के साथ ग्रामीणों ने मिलकर चारों तरफ से जाल लगाना शुरू किया. लगभग 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शावक का रेस्क्यू कर लिया गया.
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FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 09:46 IST






