भीलवाड़ा के यह किसान भाई आधुनिक खेती से कमा रहे लाखों का मुनाफा, खूब है भिंडी की डिमांड


 रवि पायक/ भीलवाड़ा. भीलवाड़ा जिले के किसान भी आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं. आधुनिक खेती कर किसान लाखों का मुनाफा भी कमा रहे हैं. परंपरागत खेती में किसान पूरे दिन खेती-बाड़ी में लगा रहता और कई बार खेती की उपज से उन्हें फसल की लागत भी नहीं वसूल हो पाती थी लेकिन अब किसान अपने आप को अपडेट कर संरक्षित खेती कर रहा है, जिससे वह कम समय में अच्छा मुनाफा भी कमा रहा है. ऐसे में जिले के सवाईपुर कस्बे के 2 किसान भाई ने ऐसी ही तकनीक के इस्तेमाल से भिंडी की खेती की और अब दोनों भाई अच्छा मुनाफा कमा रहे है खास बात यह है कि उनकी भिंडी की इतनी इतनी डिमांड हो रही है कि लोग उन्हीं की भिंडी खरीदना पसंद कर रहे हैं.

सवाईपुर के किसान भाइयों द्वारा उपजाई गई मीठे पानी और जैविक खाद की सब्ज़ियो की माँग इतनी बढ़ गई है की ग्राहक इन सब्ज़ियो का इंतज़ार करने लगे है और प्रगतिशील किसान केवल मात्र आधा बीघा ज़मीन में इन सब्ज़ियो की पैदावार से सालाना चार से पाँच लाख रुपये कमाने लगे है. इनकी सब्ज़ियो का शहरवासी इंतजार करते है क्यूँकि मीठे पानी और जैविक खाद से उगाई गई इन सब्जीयो का स्वाद ही अलग है.

किसान भाई कालू माली व सत्यनारायण माली कहते है कि हमने हमारे दस बिस्वा खेत को तीन से चार बार ट्रेक्टर से जुताई कर चार ट्रॉली देसी खाद डालने के बाद वापस जुताई कर 1-1 फ़ीट दूरी पर एक छोर से दूसरे छोर तक लंबाई में क्यारियां बनाई और इन तैयार क्यारियों में भिन्डी एक फिट की दूरी पर, और दस फीट दूरी पर लौकी के बीज की बुआई की खेत के चारो ओर मेड के सहारे 10-10 फीट दूरी पर कद्दू की बुआई की एक बिस्वा ग्वारफली की सब्जी अलग से बुआई की हुई हैं. बुआई की गई इन सब्जीयो की तीन से चार बार निराई-गुड़ाई के बाद 45 से 50 दिन बाद भिंडी लगना शुरू होती हैं जो चार माह तक उत्पादन देती है. आधा बीघा यानी दस बिस्वा खेत में उगाई सब्जी से चार माह तक प्रतिदिन 3000 रूपये की सब्जियां बिक्री होती है यानी सालाना चार से पाँच लाख की आमदनी हो जाती है.

सत्यनारायण माली बताते हैं कि इन सब्जीयो में एक दिन के अंतराल पर सिंचाई करना अनिवार्य होता हे,खेत पर लगे सोलर संयत्र उत्पादित बिजली से पांच सौ मीटर दूरी पर लगे ट्यूब वेल से हम सिचाई करते हैं.

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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 15:24 IST

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Jagran Times
Author: Jagran Times

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