
संतोष कुमार गुप्ता/छपरा. सारण सिविल कोर्ट से एक अनोखा आदेश सामने आया है, जिसमें गड़खा थाना के थानेदार को खुद के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है. साथ हीं सीजेएम कोर्ट ने गड़खा थानेदार सहित गश्तीदल में शामिल अन्य जवान को भी खुद पर थाने में प्राथमिकी दज कराने का आदेश जारी किया है.
कोर्ट से आदेश निर्गत होते हीं यह सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि सारण जिला के गड़खा थाना के थानाध्यक्ष अमितेश कुमार सिंह के खिलाफ सिविल कोर्ट में एक युवक ने केस दर्ज कराया था. जिसमें थानाध्यक्ष पर मारपीट कर मोबाइल छीनने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया. इस केस की सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने धारा 156 (3) के अंतर्गत थानाध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया.
थानाध्यक्ष के खिलाफ दायर किया था परिवाद
दरअसल, जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत के जलालपुर निवासी सकेन्द्र प्रसाद सिंह के पुत्र रंजीत कुमार ने गड़खा थानाध्यक्ष के खिलाफ परिवाद दायर किया है. जिसमें गाली-गलौज करने व गर्दन पर हाथ लगाकर धक्का देने एवं सरकारी हथियार के बल पर पटक-पटककर लात-जूते से भी मारपीट करने का आरोप थानाध्यक्ष पर लगाया गया है.
थानाध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने जबरन सरकारी हथियार के बल पर परिवादी का मोबाइल छिन लिया और थाना ले जाकर हाजत में बंद कर दिया. यहां बता दें कि सिविल कोर्ट के सीजेएम ने गड़खा थानाध्यक्ष समेत गश्तीदल पर धारा 156 के तहत कार्रवाई करने के आदेश के बाद थानाध्यक्ष को हीं खुद पर एफआईआर दर्ज करना है.
युवक के साथ मारपीट कर हाजत में कर दिया था बंद
अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 30 दिसंबर 2022 को शाम करीब छह बजे गड़खा बसंत रोड से कनेक्टेड रोड दक्षिण कदना जाने वाले सड़क से सटे रिया सुधा दुकान के समीप एक राहगीर खड़ा था. तभी थानाध्यक्ष अमितेश कुमार सिंह एवं गश्ती दल में शामिल 6-7 पुलिस जवान के साथ पहुंचे.
वहीं पूछताछ के दौरान एक राहगीर को दारू पीने के संदेह में पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट व गाली-गलौज करने लगे. जिसका परिवादी रंजीत कुमार अपने मोबाइल से विडियोग्राफी करने लगा. यह देख थानाध्यक्ष समेत सभी पुलिस परिवादी से उलझ गए और मारपीट करने लगे.
गाली-गलौज के बाद हुई थी मारपीट
अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि परिवादी की तरफ से सुनील कुमार व स्वयं सीजेएम कोर्ट में दलील दिया कि गड़खा थानाध्यक्ष ने गश्तीदल के सहयोग से मारपीट, गाली-गलौज कर गर्दन में हाथ लगाकर धक्का देते हुए सरकारी हथियार के बल पर मारपीट की. जबरन सरकारी अग्नेयास्त्र के बल पर परिवादी का मोबाइल छिन लिया और थाना ले जाकर हाजत में बंद कर दिया और केस दर्ज कर दिया.
वहीं सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने आगे बताया कि कोर्ट में दलीले सुनने के बाद सीजेएम कोर्ट के द्वारा धारा 156 (3) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद गड़खा थानाध्यक्ष एवं 6-7 की संख्या में गश्ती दल पुलिस पर आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 19:46 IST









