
लखनऊ. रग्बी खेल का विकास का नक्शा तैयार हो रहा है. रग्बी खेल को लोग टीवी पर भी देख सकें इसकी भी तैयारी चल रही है. इसके अलावा जो बच्चे इस खेल के जरिए राज्य स्तर पर पहुंच जाएंगे उनको भुगतान भी करने की योजना बनाई जा रही है. ताकि उनके रोजगार के साधन भी मजबूत हों. किसी भी खेल में स्पॉन्सरशिप के जरिए पैसा आता है और स्पॉन्सरशिप तब आती है जब टीम का प्रदर्शन अच्छा होता है या टीम मजबूत होती है. इसलिए अच्छी टीम बनाने पर जोर दिया जा रहा है. यह कहना है भारतीय रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष और बॉलीवुड अभिनेता राहुल बोस का जोकि लखनऊ में खेलो इंडिया गेम्स के उद्घाटन समारोह के अगले दिन शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में रग्बी कप लॉन्च करने पहुंचे थे. इस दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक राय और डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर पूनम टंडन समेत प्रवक्ता दुर्गेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे.
News18 local से खास बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि एसोसिएशन ने अपने फंड तीन गुना बढ़ा दिए हैं. सुविधाएं अच्छी करने की वजह से ही पिछले साल रग्बी में तीन सिल्वर मिले थे. जोकि अंडर 18 अंडर 20 और महिला वर्ग में थे. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है. उत्तर प्रदेश में भी इस खेल को बढ़ावा देने की तैयारियां की जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश में पहले एक जिले से शुरुआत होगी फिर दूसरे से इस तरह से आगे बढ़ेंगे.
99 फीसदी खिलाड़ी गरीब
उन्होंने बताया कि उनके पास जो खिलाड़ी हैं उनमें 99 फीसदी गरीब वर्ग से आते हैं. ऐसे में वो जिस फैमिली बैकग्राउंड से आते हैं वहां पर 14 से 18 साल में ही उनके माता-पिता उनके ऊपर जिम्मेदारी डाल देते हैं जैसे नौकरी और शादी की. ऐसे में इन खिलाड़ियों को जब हम ले करके आएंगे तो नेशनल फेडरेशन की जिम्मेदारी बनेगी. वह इन खिलाड़ियों को जाने न दे और जब ये खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हुए एक राज्य स्तर पर पहुंच जाएं तो उनका भुगतान किया जाए.
अब गोल्ड मेडल पर फोकस
राहुल बोस ने बताया कि पिछले साल तीन सिल्वर मिलने के बाद अब गोल्ड मेडल के ऊपर फोकस है, इसीलिए सुविधाओं को और बढ़ाया जा रहा है. कम उम्र के मजबूत खिलाड़ियों को ढूंढा जा रहा है ताकि उन्हें सिखाया जा सके. अगले एक से दो साल के अंदर रग्बी भी दूसरे बड़े खेलों की तरह एक मजबूत और मशहूर खेल होकर उभरेगा.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 09:44 IST









