
हाइलाइट्स
यह ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष व्रत है.
पूजा के समय गणेश चालीसा का पाठ करें और घी के दीपक से आरती करें.
आज का पंचांग 17 मई 2023: आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि, आयुष्मान योग, रेवती नक्षत्र और दिन बुधवार है. आज बुध प्रदोष व्रत है. यह ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष व्रत है. आज व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं. प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय में करते हैं. भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शहद, अक्षत्, फूल, मिठाई, गंगाजल, भस्म, चंदन आदि अर्पित करते हैं. उस दौरान शिव मंत्र का उच्चारण करना चाहिए. पूजा के समय व्रत कथा, शिव चालीसा पढ़ना चाहिए. इससे भगवान शंकर प्रसन्न होंगे और अपने भक्त की मनोकामना पूरी करेंगे. आज आप प्रदोष व्रत के दिन शिव मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं.
आज बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा का है. गणपति बप्पा की पूजा करने से संकट दूर होंगे, कार्य सफल होंगे, ज्ञान और बल प्राप्त होगा. जिस पर गणेश जी की कृपा होती है, उसका जीवन सुखमय होता है, उसे धन, धान्य की कमी नहीं रहती है. बुधवार को गणेश पूजा में गणपति को दूर्वा, सिंदूर, अक्षत्, पान, सुपारी, फल, फूल, हल्दी, केसर आदि चढ़ाया जाता है. भोग में मोदक, लड्डू, मिश्री आदि चढ़ाते हैं. पूजा के समय गणेश चालीसा का पाठ करें और घी के दीपक से आरती करें.
आज गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए. हरी मूंग, हरे कपड़े, मूंग के लड्डू, हरी सब्जी आदि का दान करने से बुध दोष दूर होता है. बुध ग्रह मजबूत होता है. इससे बुद्धि और तर्कशक्ति बढ़ती है. बिजनेस में लाभ प्राप्त होता है. आज के पंचांग से जानते हैं शुभ मुहूर्त, अशुभ समय, शुभ योग, सूर्योदय, चंद्रोदय, सूर्यास्त, चंद्रास्त, नक्षत्र, राहुकाल आदि.
17 मई 2023 का पंचांग
आज की तिथि – ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी
आज का नक्षत्र – रेवती
आज का करण – गर
आज का पक्ष – कृष्ण
आज का योग – आयुष्मान
आज का वार – बुधवार
आज का दिशाशूल – उत्तर
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 05:57:00 AM
सूर्यास्त – 07:14:00 PM
चन्द्रोदय – 28:22:59
चन्द्रास्त – 16:53:59
चन्द्र राशि– मीन
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:35:06
मास अमांत – वैशाख
मास पूर्णिमांत – ज्येष्ठ
शुभ समय – कोई नहीं
अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 08:13:04 से 09:07:24 तक
कुलिक– 13:39:06 से 14:33:27 तक
कंटक– 06:24:23 से 07:18:43 तक
राहु काल– 12:35 से 14:15 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 08:13:04 से 09:07:24 तक
यमघण्ट– 10:01:45 से 10:56:05 तक
यमगण्ड– 08:53:49 से 10:35:42 तक
गुलिक काल– 14:15 से 15:54 तक
.
Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva
FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 06:00 IST








