कौशाम्बी–
कौशाम्बी के बनी खास गांव निवासी सीआईएसएफ जवान शिवाकांत का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो जांच में भ्रामक पाया गया। वीडियो में बिजिया चौराहा स्थित जमीन पर शमसाद द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया था। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और मंझनपुर तहसील के नायब तहसीलदार मोबीन अहमद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

जांच के दौरान विपक्षी शमसाद ने अपने भूमि संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए। उनका कहना था कि सीआईएसएफ जवान की मां गोमती देवी के नाम केवल पौना बिस्सा जमीन दर्ज है, जबकि विवादित भूमि उनकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोमती देवी, उनके बेटे शिवाकांत तथा आईटीबीपी में तैनात उनके भाई रमाकांत दबंगई के बल पर उनकी खाली पड़ी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। शमसाद ने बताया कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें न्यायालय से स्थगन आदेश भी प्राप्त है।
नायब तहसीलदार मोबीन अहमद ने बताया कि राजस्व अभिलेखों और मौके की जांच में किसी प्रकार का नया कब्जा या कब्जे का प्रयास नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि मामला पहले से न्यायालय में लंबित है और न्यायालय के आदेश प्रभावी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए भ्रामक वीडियो और संदेश सोशल मीडिया पर साझा न करें।









