कौशाम्बी– बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के 70वें जन्मदिवस के अवसर पर विकास खण्ड कड़ा के अटसराय गांव में गुरुवार को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर गरीबों और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिससे यह साफ संदेश गया कि बहुजन आंदोलन आज भी जमीनी स्तर पर मजबूती से खड़ा है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बसपा के वरिष्ठ नेता राजू गौतम ने कहा कि मायावती का जन्मदिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, संविधान और बहुजन सम्मान के संघर्ष को नई दिशा देने का दिन है। उन्होंने कहा कि जब-जब सत्ता में मायावती रहीं, तब-तब गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को न सिर्फ सुरक्षा मिली बल्कि सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी मिला। राजू गौतम ने कहा कि आज कुछ ताकतें संविधान को कमजोर करने और बहुजन समाज को गुमराह करने में लगी हैं, लेकिन बसपा कार्यकर्ता ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि गांव-गांव जाकर मायावती की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं और संगठन को और मजबूत करें।जिला पंचायत सदस्य मुंसब अली उस्मानी ने कहा कि मायावती सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की प्रतीक हैं। उन्होंने सत्ता को जनकल्याण और संविधान की रक्षा का हथियार बनाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक एवं समाजसेवी रणविजय निषाद ने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की और जल संरक्षण को भी सामाजिक जिम्मेदारी बताया। इस अवसर पर बांकेलाल मौर्य, खुर्शीद अहमद उर्फ बबलू, इंद्रपाल यादव, बेनी प्रसाद गौतम , बुद्धि सागर , बृजेंद्र यादव , शेष नारायण गौतम , जसवंत गौतम , सचिन केसरवानी , मो हासिम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन पर केक काटकर जश्न मनाया गया और सभी ने उनके दीर्घायु होने की कामना करते हुए बहुजन समाज को मजबूत करने का संकल्प लिया।









