NCERT Books Controversy: NCERT की किताबों में हुए संशोधन के बाद इसे लेकर हो रहे विवाद को यूजीसी अध्यक्ष ने अनुचित बताया है. ग़ौरतलब है कि हाल ही में NCERT ने अपनी कई किताबों में संशोधन किया था. जिसके बाद कई शिक्षाविदों ने इसका विरोध जताते हुए NCERT की किताबों से अपना नाम सलाहकार के तौर पर हटाने की भी मांग की थी. यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार का कहना है कि यह विवाद बेवजह खड़ा किया जा रहा है.
यूजीसी अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि, ‘शिक्षाविदों की ओर से एनसीईआरटी पर किया गया हमला अनुचित है. किताबों में संशोधन पहली बार नहीं किया गया हैं, बल्कि समय समय पर पहले भी किताबों में संशोधन होता आया है. NCERT की ओर से किताबों का रेशनालाइजेशन किया जाना पूरी तरह से उचित है.’
NCERT तैयार कर रहा है नई किताबें
यूजीसी अध्यक्ष ने आगे कहा कि, ‘NCERT ने पुष्टि की है कि वह हाल ही में जारी हुए नेशनल करिकुलम फ़्रेम वर्क फॉर स्कूल एजुकेशन के आधार पर किताबों का नया सेट तैयार कर रहा है. वर्तमान में जो संशोधन किए गए हैं, वह अस्थायी हैं. ये संशोधन, अकादमिक भार कम करने के लिए किये गए हैं.
ऐसे में इन शिक्षाविदों की ओर से बदलाव पर विवाद खड़ा करना बिलकुल भी उचित नहीं है. इसके पीछे एकेडमिक नहीं बल्कि कोई और ही वजह लगती है.’


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नाम हटाने का किया था अनुरोध
गौरतलब है कि हाल ही में योगेंद्र यादव और सुहास पालसीकर ने NCERT को पत्र लिखकर किताबों से उनका नाम हटाने को कहा था. इसके बाद 33 और शिक्षाविदों ने भी NCERT से ऐसी ही मांग की थी. यूजीसी अध्यक्ष ने इस पूरे वाद विवाद को बेवजह बताया है.
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FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 15:03 IST






