महाभारत काल की गाथा बयां कर रहा करनाल शहर का यह भव्य द्वार, 2021 में हुआ था निर्माण

हिमांशु नारंग/करनाल. महाभारत का युद्ध भले ही कुरुक्षेत्र में लड़ा गया हो,लेकिन उसके आस-पास के जिलों में महाभारत से जुड़ी काफी चीजें आज भी मौजूद हैं. वर्तमान में भी करनाल, कैथल, जींद, पानीपत जिलों में महाभारत से जुड़ी काफी चीजें मौजूद हैं. 48 कोस के एरिया में महाभारत का ज़िक्र आता है और इसमें से ही है कुरुक्षेत्र का पड़ोसी जिला करनाल.

आज हम बात करेंगे करनाल जिले की, करनाल शहर में नेशनल हाईवे से होते हुए श्रीमद भगवद गीता द्वार से आप प्रवेश करते हैं.यह द्वार काफी भव्य बनाया गया है और रात के समय तो यह द्वार रौशनी से जगमगा उठता है. इस द्वार का अपना एक अलग महत्व है, ये शहर की शोभा तो बढ़ाता है साथ ही ये द्वार एक संदेश भी देता है.

2021 में हुआ था भव्य गेट का निर्माण
सीएम मनोहर लाल ने 2021 में इस गेट की शुरुआत की थी. लाखों रुपए की लागत से इस गेट का भव्य निर्माण करवाया गया था. इस गेट की देखरेख नगर निगम करता है. इस गेट पर कई कलाकृतियां बनी हुई हैं जिसमें महाभारत के पांडवों और कौरवों के युद्ध का ज़िक्र है. वहीं यहां भगवान विष्णु की एक बहुत बड़ी प्रतिमा भी है .इस प्रतिमा पर भगवान विष्णु के तमाम स्वरूपों को उस प्रतिमा के ज़रिए दिखाया गया है. वहीं, दूसरी तरफ भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन की भी एक प्रतिमा है. जिसमे भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को गीता का उपदेश दे रहे हैं.

कर्ण की नगरी है करनाल
करनाल के पंडित जी बताते हैं कि इस तरह के गेट होने चाहिए जिससे धार्मिक बातें लोगों तक पहुंचती रहती हैं और शहर की शोभा बढ़ती है. उन्होंने कहा कि श्री मदभगवद गीता द्वार में प्रवेश अर्थात गीता में प्रवेश के समान है.आपको कर्ण की नगरी में जाने से पहले गीता को समझना चाहिए.

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Author: Jagran Times

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