
अभिलाष मिश्रा/इंदौर: शहर को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने के लिए नो भिक्षा संकल्प यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. जिसमें बड़ी संख्या में लोग नो भिक्षा का संकल्प लेते हुए देखे जा रहे हैं. सबसे विशेष बात यह भी रही कि जैन साधुओं की मौजूदगी में भी नो भिक्षा का संकल्प लिया गया. देश की नंबर वन स्वच्छ सिटी में यह मुहिम काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है, पहले ही दिन 2150 से ज्यादा लोगों ने इंदौर को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने का संकल्प ले लिया है. इंदौर को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रवेस संस्था ने गुरुवार को नो भिक्षा संकल्प यात्रा का आगाज किया. शिक्षा देने का संकल्प लेना शुरू कर दिया है. इसके तहत यात्रा के पहले दिन 2150 से ज्यादा लोगों ने चार अलग-अलग स्थानों पर भीख नहीं देने का संकल्प लिया.
400 लोगों ने नो भिक्षा का संकल्प लिया
वहीं संस्था द्वारा मिसकाल और गूगल फार्म के जरिए भी संकल्प लेने का सिलसिला लगातार चल रहा है. यात्रा शहर के विभिन्न स्थानों से होकर निकाली गई, जिसमें जगह-जगह लोगों से संकल्प दिलाया गया. इसी क्रम में गांधी हाल में महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा आयोजित इंदौर गौरव सम्मान के जल संचय कार्यक्रम में उपस्थित करीब 400 लोगों ने नो भिक्षा का संकल्प लिया.
यह यात्रा 30 मई तक चलने वाली
संस्था प्रवेस की अध्यक्ष रूपाली जैन ने जैन समाज के करीब 12 सौ लोगों को एक साथ भिक्षा नहीं शिक्षा देने का संकल्प दिलाया. यात्रा में कई जनप्रतिनिधि, कारोबारी, उद्योगपति, समाजसेवी, सामाजिक संगठन सहित अन्य लोगों को संकल्प दिलाया गया. साथ ही आनलाइन ड्राइव भी चलाई गई. इसके बाद यात्रा अरबिंदो नर्सिंग व मेडिकल कॉलेज पहुंची. यहां डॉ. विनोद भंडारी की मौजूदगी में 650 छात्रों ने संकल्प लिया. अभी यह यात्रा 30 मई तक चलने वाली है, जहां बड़ी संख्या में लोग इंदौर के लोग इंदौर को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने का संकल्प लेंगे.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 22:54 IST









