
अभिलाष मिश्रा/इंदौर: “खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से पूछे कि बता तेरी रजा क्या है…” इंदौर के RJ नवनीत की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. इससे हर युवा प्रेरणा ले सकता है. आज इंदौर के फेमस आरजे नवनीत को सुनने के लिए हर कोई बेताब रहता है. पर एक समय ऐसा भी था, जब नवनीत सात बार रिजेक्ट हुए थे. इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा.
नवनीत ने बताया कि मैं रिजेक्शन को कभी सीरियस नहीं लेता. मेरे रिजेक्शन की लिस्ट बड़ी लंबी रही है. मैं एक छोटी सी जगह से ताल्लुक रखता हूं, जहां सीखने के ज्यादा अवसर उपलब्ध नहीं थे. बताया कि हर रिजेक्शन के बाद मैंने अपने ऊपर काम किया और मैं भी RJ बना और आज 15 साल हो गए हैं. लोग मुझे सुन रहे हैं.
हर रिजेक्शन के बाद कुछ सीखा
आगे बताया कि पहले रिजेक्शन के बाद मैंने अपनी लैंग्वेज पर काम किया. दूसरे के बाद मैंने नॉलेज पर काम किया. मुझे लगा कि जनरल नॉलेज पर काम करना बहुत ज्यादा जरूरी है. इस तरह से मैंने हर रिजेक्शन के बाद लगातार अपने आपको इंप्रूव किया. आज आप सभी से मुझे भरपूर प्यार मिल रहा है. कहते हैं कि मैंने अपनी पर्सनालिटी से लेकर, बातचीत करने के तरीके, अपनी इंग्लिश और हर चीज पर वर्क किया.
साझा की कहानी
बता दें कि आरजे नवनीत एक बेहद फेमस RJ हैं, जिनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है. लगभग देश के सभी बड़े स्टार के साथ वह शोज़ कर चुके हैं. लेकिन उनके संघर्ष की कहानी शायद ही किसी को पता होगी, जो उन्होंने न्यूज़ 18 के साथ साझा की है.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 19:21 IST









