धर्मबीर शर्मा, गुरुग्राम. साउथ दिल्ली के एसडीएम अभिनव सिवाच ने इस बार 12वीं रैंक हासिल है. साल 2020 में वह 16वीं रैंक पाकर आईएएस बने थे. उन्हें यूटी कैडर मिला था , वह होम कैडर यानी हरियाणा चाहते थे. जिसके चलते उन्होंने एक बार फिर से यूपीएससी परीक्षा में बैठने का फैसला किया था. अभिनव सिवाच ने इंजीनिरिंग और एमबीए किया है. वह यूपीएससी की तैयारी शुरू करने से पहले एक MNC में 35 लाख सैलरी की जॉब कर रहे थे. उनके पिता पिता सतबीर सिंह सिवाच गुड़गांव में आबकारी और कराधान विभाग में आयुक्त हैं.
अभिनव 2020 में आईएएस बनने से पहले तहसीलदार पद पर जॉब कर रहे थे. अबकी बार मिली सफलता से अभिनव काफी खुश है क्योंकि उनकी तमन्ना थी कि और अच्छी रैंक पा कर ओर बेहतर कर सके.
अभिनव के पिता सतबीर सिंह सिवाच गुड़गांव में आबकारी और कराधान विभाग में आयुक्त के पद पर कार्यरत है. बेटे को यूपीएससी के दूसरे प्रयास में ही उनको 12वीं रैंक मिली और उनका सपना पूरा हो गया.मंगलवार को परिणाम देखकर काफी खुशी हुए, फोन और घर आकर लोगों का बधाई देने का तांता लगा रहा. उन्होंने बताया कि साल 2020 में भी बेटे यूपीएससी की परीक्षा दी थी, जिसमें उनको अच्छी रैंक नहीं मिली थी. फिर बाद में उनको दिल्ली में एसडीएम की नौकरी मिली थी और वह तब से यह नौकरी कर रहे है.
अभिनव नौकरी के बाद रोजाना पांच से छह घंटे तक पढ़ाई करते थे. इंजीनियर करने के बाद एमबीए की और फिर मुंबई में निजी कंपनी में नौकरी भी की. वहां से नौकरी छोड़ने के बाद हरियाणा में तहसीलदार की नौकरी की और साथ–साथ तैयारी भी करते रहे.
मूलरूप से फतेहबाद के रहने वाले अभिनव ने बताया कि आईएएस के तौर पर उनकी प्राथमिकता हरियाणा कैडर की है. गुरुग्राम के सेक्टर-14 में रहने वाले अभिनव सिवाच ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में ऑल इंडिया 12वीं रैंक हासिल करने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 10:12 IST









