क्या होता है गोत्र, क्या है इनका महत्व, क्यों नहीं होता एक ही गोत्र में विवाह?

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हाइलाइट्स

हिंदू धर्म में विवाह के दौरान वर वधु से उनका गोत्र पूछा जाता है.
वर और वधु दोनों एक ही गोत्र के नहीं होना चाहिए.

What is Gotra : हिन्दू धर्म में हर व्यक्ति के गोत्र को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. आज के बदलते दौर में मॉर्डन हो चुके युवा गोत्र की समझ नहीं रखते, और न ही इसमें कोई रुचि रखते हैं, लेकिन धार्मिक कार्य करते समय गोत्र का महत्व बढ़ जाता है. ख़ासतौर पर विवाह के समय वर और वधू के गोत्र के बारे में ज़रूर पूछा जाता है. गोत्र के महत्व की बात की जाए तो ये हिन्दू धर्म की पहचान के लिए बना था. पहले के समय में गोत्र को सिर्फ़ ऋषियों के साथ जोड़कर देखा जाता था, लेकिन आज के युग में गोत्र एक हिंदू के वर्ग, जाति, क्षेत्र और स्थान को दर्शाता है. गोत्र प्राचीन मानव समाज द्वारा बनाए गए उन रीति-रिवाजों का हिस्सा है. जो यह निर्धारित करता है, कि कोई व्यक्ति किस पूर्वज की संतान है. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं, हिंदू धर्म में कितने होते हैं गोत्र और क्या होता है इसका महत्व.

क्या होता है गोत्र?
हिंदू धर्म में गोत्र को ऋषि परंपरा से संबंधित माना जाता है. ब्राह्मणों के लिए जो गोत्र विशेष रूप से महत्व रखता है. हर ब्राह्मण का संबंध ऋषि कुल से माना गया है. प्राचीन काल में 4 ऋषियों के नाम से गोत्र परंपरा प्रारंभ हुई थी.

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ये चार ऋषि हैं अंगिरा, कश्यप, वशिष्ठ और भृगु. गोत्र एक संस्कृत शब्द है जिसमें “गो” से मतलब हमारी इंद्रियों से निकाला जाता है, और “त्र” रक्षा को दर्शाता है. प्राचीन काल में मुख्य रूप से चार ही गोत्र माने जाते थे, परंतु बाद में 4 और गोत्र भी शामिल किए गए जो इस प्रकार हैं- अत्रि, जन्मदग्नि, अगस्त्य और विश्वामित्र.

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एक ही गोत्र में विवाह क्यों नहीं होता?
हिंदू धर्म में विवाह के दौरान वर वधु से उनके गोत्र के विषय में पूछा जाता है. इसके पीछे कारण होता है, कि वर और वधु दोनों एक ही गोत्र के ना हों. हिंदू धर्म में एक ही गोत्र में विवाह करने की मनाही होती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गोत्र का संबंध ऋषियों से माना जाता है. वह ऋषि उस गोत्र के अंतर्गत आने वाले महिला या पुरुष के पूर्वज होते हैं. जितने भी लोग एक गोत्र में आते हैं. वे एक दूसरे के भाई-बहन होते हैं. इसी वजह से समान गोत्र में विवाह करना वर्जित माना गया है.

Tags: Astrology

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Author: Up Head Line

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