विश्व हिंदू परिषद की बैठक में छाया समलैंगिकता का मुद्दा, मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रिपोर्ट- पुलकित शुक्ला 

हरिद्वार. विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में समलैंगिकता और लिव इन रिलेशनशिप को भारतीय सभ्यता के लिए गलत बताते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से इस पर कानून बनाने की मांग की. इसके साथ ही हिंदुओं के मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से बाहर रखने को लेकर भी संंतों ने एकमत से प्रस्ताव पास किए. हरिद्वार के कनखल में दो दिनों तक चली विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में परिषद के केंद्रीय पदाधिकारियों समेत देश के कई राज्यों से आए साधु संतों में शिरकत की और दो दिनों तक धर्म और राष्ट्रहित के विषयों पर मंथन हुआ.

दो दिवसीय बैठक में तीन प्रस्ताव पास 

साधु संतों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समलैंगिकता एक अप्राकृतिक कृत्य है. समलैंगिकता और लिव-इन रिलेशनशिप जैसी प्रवृत्तियों से भारतीय परंपराओं का ह्रास होगा. कुछ लोगों की विकृत वासनाओं की पूर्ति करने के लिए  पुरानी परंपराओं को समाप्त नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही कुछ राज्य सरकारो द्वारा किए गए मठ मंदिरों के अधिग्रहण को गलत बताते हुए साधु-संतों ने कहा कि मठ मंदिर हो पर आने वाला दान और चढ़ावे पर सरकार का कोई अधिकार नहीं है. यह धन धर्म के प्रचार प्रसार में लगना चाहिए. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि सभी मठ मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए. जिन भी जगहों पर राज्य सरकार ने ऐसे अधिग्रहण किए हैं वहां मठ मंदिरों को मुक्त किया जाना चाहिए.

साधु संत करेंगे गांवों में प्रवास

बीएचपी केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में इकट्ठा हुए संतों ने सनातन और भारतीय परंपरा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 15 दिनों के गांवों और सुदूर क्षेत्रों में प्रवास का प्रस्ताव भी पास किया. विहिप के महासचिव मिलिंद परांडे ने बताया कि विदेशी धन के इस्तेमाल से भारतीय परंपरा को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है, इसीलिए समाज में समलैंगिक संबंध और लिव-इन रिलेशनशिप जैसी कुरीतियां पैर पसार रही हैं. इसलिए बैठक में यह प्रस्ताव भी पास हुआ है कि साधु संत गांव और सुदूर क्षेत्रों में प्रवास कर आमजन से सीधा संवाद करेंगे और लोगों को भारतीय परंपराओं के मूल्यों को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी की शिरकत 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विहिप की बैठक के दूसरे दिन शिरकत करने पहुंचे. मंच से संतों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि के स्वरूप को बचाए रखने के लिए प्रदेश भर में अवैध मजारों और धार्मिक अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. जब तक सभी सरकारी संपत्तियां अवैध अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो जाती अभियान जारी रहेगा. मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून को लेकर कहा कि ड्राफ्टिंग कमेटी कानून बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. जल्द ही कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपी गई जिसके बाद उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया जाएगा. ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा. उत्तराखंड का समान नागरिकता कानून देश के दूसरे राज्यों के लिए मॉडल के रूप में काम करेगा.

Tags: Uttarakhand news, Vishwa hindu parishad

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें