Sagar News: हनुमान चालीसा पर लिखी 200 पेज की किताब, 1-1 चौपाई में मंत्र, जाप करने से होगा फायदा 

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अनुज गौतम/सागर. राम भक्त हनुमान जी की भक्ति, शक्ति और कीर्ति का वर्णन करने वाली हनुमान चालीसा में 40 चौपाई हैं. भगवान को अपना आराध्य मानने वाले एक पंडित ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों पर विस्तृत विवेचना करते हुए करीब 200 पन्नों की किताब (नासे रोग हरे सब पीरा) लिखी है.
इस किताब को आमजन की दृष्टि रखते हुए बड़े ही सरल भाषा में लिखा गया है. हर चौपाई की बहुत गहराई से संदर्भ भावार्थ व्याख्या संदेश और उस से होने वाले लाभ को लिखा गया है.

5 साल में पूरी हुई किताब

सागर के मकरोनिया में साकेत कॉलोनी में रहने वाले पंडित अनिल कुमार पांडे ने ‘नासे रोग हरे सब पीरा” नाम से यह किताब लिखी है. उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति इस हनुमान चालीसा का पूरा पाठ नहीं कर पाता है और किसी चीज से परेशान है, उससे मुक्ति पाना चाहता है तो किसी भी एक चौपाई का मंत्र के रूप में बार बार जाप करने से उसका कष्ट, परेशानी और बाधा दूर हो सकती है. इस किताब को लिखने के लिए लेखक को करीब 5 साल का समय लगा है.

पंडित जी का कहना है कि हनुमान चालीसा की 1- 1 चौपाई मंत्र है. हर चौपाई कुछ ना कुछ संदेश देती है, किसी ना किसी चौपाई का बार-बार जाप करने से आप पर देवताओं की कृपा हो सकती है, आपके दुखों का निवारण हो सकता है, बीमारियां दूर हो जाती हैं, कष्ट मिट सकते हैं. लेकिन हनुमान चालीसा को शुरू से ही इस तरह से प्रचारित नहीं किया गया. जब उन्हें यह बात समझ में आई तो उन्होंने इन चौपाइयों को विस्तार देना शुरू किया.

धीरेंद्र शास्त्री की किया पुस्तक का विमोचन

हर चौपाई का लगभग 6 से 7 पेज में वर्णन किया गया है. वही, इस किताब का पिछले हफ्ते बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से विमोचन किया गया और अब यह बाजार में भी उपलब्ध है. पंडित अनिल पांडे ने बताया कि वह यूपी के बलिया जिले के रहने वाले हैं. उनका घर अयोध्या के पास में था. वह अपने पिता के साथ हनुमानगढ़ी जाते थे, तब से ही हनुमान जी के प्रति श्रद्धा भाव से जुड़े हुए हैं. इसके बाद नौकरी लगी तो भी हनुमान जी की पूजा अर्चना में लगे रहे.

उन्होंने बताया कि साल 2018 में जबलपुर मुख्य अभियंता के पद से उनका रिटायरमेंट हुआ, तब उन्होंने इस पर लिखना शुरू किया, लेकिन उस समय उनके रिटायरमेंट की अवधि 2 साल बढ़ा दी गई थी, जिसकी वजह से वह इतना समय नहीं दे पाए. साल 2020 में रिटायरमेंट होने के बाद उन्होंने किताब लिखने के काम में तेजी लाई और फरवरी के महीने में साल 2023 में इसे पूरा कर लिया था इसके बाद इसके कवर पेज, पब्लिकेशन सहित अन्य कार्य किए गए जो अप्रैल के आखिरी सप्ताह में हुए हैं.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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