बांट दी मिठाई और बख्शीस, जब बेटे की जगह मिल गई बेटी तो उड़ गए होश! पिता ने की DNA जांच की मांग

कृष्ण गोपाल द्विवेदी/बस्ती. आज दुनिया मंगल ग्रह पर जीवन तलाश रही है नभ में थल में अनंत आकाश में मनुष्य अपना विजय पताखा फहरा रहा है लेकिन आज भी हमारे समाज में ऐसी कुरीतियां हैं जिनको जानकर आप हैरान हो जाएंगे, जहां आज भी लड़का-लड़की में फर्क देखने को मिल हो जाता है. एक तरफ जहां लड़का पैदा होने पर लोग खुशी मनाते हैं तो लड़की होने पर दुःख, अब जरा सोचिए की आप को पता चले की बेटा पैदा हुआ है और आप बेटे की खुशी में जश्न मनाना शुरू कर दें सभी रिश्तेदारों को फोन से बेटा पैदा होने की खुशखबरी सुना दें यहां तक मिठाई भी बांट दें लेकिन बाद ने पता चले की बेटा नहीं बल्कि बेटी पैदा हुई है, फिर आप क्या करेंगे?

बस्ती मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में अजब गजब मामला सामने आया है. लालगंज थाना के देवेंद्र कुमार अपनी पत्नी की डिलीवरी कराने के लिए हॉस्पिटल पहुंचे थे. अस्पताल में भर्ती किया गया सभी जांचें की गई. उस के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया. उस के बाद ऑपरेशन के बाद अस्पताल के स्टाफ ने लड़का पैदा होने की बात बताई.

हॉस्पिटल स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप
लड़का पैदा होने की खुशी में परिजन झूम उठे, लड़का पैदा होने की खुशी में एक हजार बख्शीस भी दी गई, मिठाई भी बांटी गई, सभी रिश्तेदारों को लड़का पैदा होने की सूचना फोन से दे दी गई. नवजात शिशु की दादी नाती पैदा होने की खुशी मनाने लगे लेकिन नाती पैदा होने की खुशी ज्यादा देर नहीं रही. जब ऑपरेशन थिएटर से कपड़े में लपेट कर नवजात को परिजनों के सुपुर्द किया गया और जब परिजनों ने कपड़ा हटा कर नवजात को देखा तो लड़के की जगह लड़की थी. फिर क्या था अस्पताल में जम कर हंगामा होने लगा, परिजन अस्पताल के स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाने लगे.

पिता ने की डीएनए जांच की मांग
नवजात की दादी सुशीला देवी का कहना है कि उनसे लड़का पैदा होने की बात कही गई, बख्सीश के तौर पर एक हजार रुपए भी लिए गए. लेकिन बाद ने लड़के को बदल कर उस की जगह पर लड़की दे दी गई. नवजात के पिता अजीत ने बताया कि हमें जो पेपर दिया गया था वो लड़का पैदा होने का था लेकिन बाद में उसको बदल कर लड़की का पेपर बना दिया गया. नवजात के पिता अजीत ने आगे बताया कि जब तक बच्ची का डीएनए जांच नहीं हो जाती तब तक हम लोग बच्ची को घर नहीं ले जायेंगे.

कैली के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर एएन नारायण प्रसाद ने कहा की शिकायतकर्ता अजीत ने कहा की उनको पहले लड़का पैदा होने की सूचना दी गई लेकिन बाद ने लड़की रिसीव कराई गई, मैंने अपने स्तर पर जांच की प्रावली को देखा गया. इस तरह को कोई घटना अस्पताल में नहीं हुई है.

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Author: Jagran Times

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