
NEET success story: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2023 के नतीजे पिछले सप्ताह ही जारी हुए हैं. जिसमें कई छात्रों ने लगभग शत प्रतिशत स्कोर के साथ परीक्षा पास की है. नीट परीक्षा पास करने वाले हजारों छात्रों में से राजस्थान के रामलाल भी थे. लेकिन उनकी कहानी थोड़ी हटकर और दिलचस्प है. राजस्थान के रामलाल ने अपने पांचवें प्रयास में नीट परीक्षा पास की है. हालांकि उनका यह सफर आसान नहीं था.
चित्तौड़गढ़ जिले के घोसुंडा के रहने वाले रामलाल का 11 साल की उम्र में जबरन बाल विवाह कर दिया गया था. उस वक्त वह छठवीं कक्षा में पढ़ते थे. लेकिन वह आगे पढ़ने के अपने इरादे पर कायम रहे. उन्होंने अपने परिवार को स्पष्ट कर दिया था कि वह आगे पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं. हालांकि रामलाल के इस फैसले से उनके पिता खुश नहीं थे.
10वीं पास पत्नी ने दिया पूरा सहयोग
रामलाल की पत्नी ने सिर्फ 10वीं कक्षा तक पढ़ी हैं. लेकिन उन्होंने रामलाल के डॉक्टर बनने के जुनून को देखकर उनके सपने को पूरा करने में मदद का फैसला किया. रामलाल ने 10वीं कक्षा 74 फीसदी अंकों के साथ पास किया. इसके बाद 12वीं में साइंस स्ट्रीम चुना और नीट यूजी की तैयारी में भी जुट गए.
लगातार पांचवीं बार दी नीट यूजी परीक्षा
रामलाल ने साल 2019 में पहली बार नीट यूजी परीक्ष दिया. 720 में से उनके 350 नंबर आए. इसके बाद उन्होंने और मेहनत की. जिससे हर बार नंबर में सुधार होना शुरू हुआ. 2020 में उनके 362 मार्क्स आए. इस दौरान उन्होंने कोटा में मेडिकल की कोचिंग भी की. आखिरकार उन्होंने अपनी मंजिल हासिल कर ही ली. इस बार रामलाल का नीट यूजी में स्कोर 490 है.
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