
अनुज गौतम/सागर : भगवान जगन्नाथ एवं अन्यदेवों का प्रिय भोग मालपुए के रूप में लगाया जाता है, भगवान जगन्नाथ स्वामी बीमार होने के बाद अब स्वस्थ हो गए हैं, मंगलवार को गाजे-बाजे, धूम-धड़ाके हर्षोल्लास के साथ रथ यात्रा निकाली गई, सागर जिले के गढ़ाकोटा में भी बरसों से यह परंपरा चली आ रही है, यहां पर दर्जनों गांव के हजारों लोग इस यात्रा में शामिल होने के लिए आते हैं, और प्रसादी के रूप में अपने घर मालपुए लेकर जाते हैं.
गढ़ाकोटा में रथ यात्रा के लिए रथ सज कर तैयार हो चुके हैं, प्रसादी बन रही है जिसमें करीब 100 लोगों के द्वारा मालपुए तैयार किए जा रहे हैं, वहीं इन मालपुओं को लेकर बरसों पुरानी एक किवदंती भी है. आईए जानते हैं….
कुएं से निकला था घी
कहते है कि रथ यात्रा के लिए रात के समय प्रसादी तैयार की जा रही थी लेकिन शुद्ध घी खत्म हो गया जिसके बाद उस समय के महंत सिद्ध बाबा राम दास जी महाराज को यह चिंता हो गई कि अब और प्रसादी कैसे बनेगी सोचते समय उनकी झपकी लग गई. सपने में आकर नर्मदा मैया ने कहा कि मंदिर के पास बने कुएं से पानी निकाल लो और जितना पानी लो उतना ही घी सुबह इसमें डाल देना.
दूर-दूर से लोग पहुंचे थे देखने
इसके बाद महंत की नींद खुली तो वह अपने सेवादारों के पास में बनी झिरिया में पहुंचे, उससे पानी निकाला और कड़ाही में डाल दिया जिसके बाद इस पानी ने शुद्ध घी का काम किया, इसी पानी से मालपुए तैयार किए गए, इस चमत्कार को देखकर लोग अचरज में पड़ गए, सुबह से पूरे नगर में इस चमत्कार के चर्चे होने लगे, यही नहीं लोग सुबह उस कुएं को देखने पहुंचने लगे. लेकिन उसमें घी नहीं पानी ही था.
15 दिनों तक भगवान करेंगे आराम
इसके बाद जब महंत ने दूसरे दिन कुएं में शुद्ध घी डाला तो वह भी पानी बन गया. यह यात्रा शाम 6 बजे से नगर में भ्रमण करते हुए रात 12 बजे जनकपुर मंदिर में पहुंचेगी. जहां भगवान का स्वागत सत्कार होगा और वह 15 दिनों तक यहां पर आराम करेंगे. हर दिन गांव वालों को यहां पहुंचने का निमंत्रण दिया जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 21:42 IST






