
हाइलाइट्स
अप्रैल में ईपीएफओ से 17.20 लाख नए मेंबर्स जुड़े
मार्च में 13.40 लाख नए कर्मचारी ईपीएफओ का हिस्सा बने थे
ईपीएफओ दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में से एक है.
नई दिल्ली. रिटायरमेंट फंड बॉडी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से अप्रैल के महीने में शुद्ध आधार पर 17.20 लाख सदस्य जुड़े जिनमें से करीब आधे लोग पहली बार इसके सोशल सिक्योरिटी दायरे का हिस्सा बने. श्रम मंत्रालय ने मंगलवार को जारी पेरोल आंकड़ों में कहा कि अप्रैल, 2023 में ईपीएफओ से जुड़ने वाले नए सदस्यों में से 54.15 फीसदी कर्मचारी 25 साल से कम उम्र के हैं. यह संगठित वर्क फोर्स में युवा आबादी की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है.
ईपीएफओ के अस्थायी रोजगार आंकड़ों से पता चलता है कि कई प्रमुख मानदंडों में खासा सुधार आया है. अप्रैल में कुल 17.20 लाख नए सदस्य ईपीएफओ से जुड़े जबकि मार्च में 13.40 लाख नए कर्मचारी इसका हिस्सा बने थे. इनमें से दोबारा ईपीएफओ का हिस्सा बनने वाले सदस्य मार्च में 10.09 लाख थे लेकिन अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 12.50 लाख हो गई.
अप्रैल में 2.25 लाख महिलाएं पहली बार ईपीएफओ का हिस्सा बनीं
हालांकि, अप्रैल में नौकरियां छोड़ने वाले कर्मचारियों की संख्या 11.67 फीसदी घटकर 3.77 लाख रही. अप्रैल में ईपीएफओ के अंशधारक बनने वाले नए कर्मचारियों में 3.48 लाख महिलाएं रहीं जबकि मार्च में यह संख्या 2.57 लाख थी. खास बात यह है कि अप्रैल में करीब 2.25 लाख महिलाएं पहली बार ईपीएफओ का हिस्सा बनीं.
EPFO डेटा से रोजगार के लिए क्या संकेत
ईपीएफओ से पहली बार जुड़ने वाले अंशधारक 2 बातों का संकेत देते हैं. पहला यह कि वे रोजगार में पहले से थे लेकिन उनकी कंपनी अब ईपीएफओ के दायरे में आई है. इससे पता चलता है कंपनियों का काम बढ़ा है और उन्हें अधिक लोग हायर करने पड़े हैं. दूसरा, इससे आपको रोजगार का भी अनुमान लगता है. संभव है कि जो लोग पहली बार ईपीएफओ से जुड़ें उन्होंने नौकरी भी पहली बार ही शुरू की है. इसलिए यह रोजगार के घटने या बढ़ने के सूचक के रूप में भी देखा जाता है.
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Tags: Epfo, EPFO account, EPFO subscribers
FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 21:11 IST






