
Success Story : सफल होने का कोई शॉर्टकट तरीका नहीं है. दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत ही सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है. आज हम लेकर आए हैं दृढ़ संकल्प और मेहनत से सफता हासिल करने एक कहानी. यह चौकीदार से आईआईएम रांची में असिस्टेंट प्रोफेसर बने रंजीत रामचंद्रन की है. रंजीत रामचंद्रन केरल के कासरगोड जिले के पनथुर में एक बीएसएनएल टेलिफोन एक्सचेंज में नाइट वॉचमैन के रूप में काम करते थे. रंजीत रामचंद्रन के अच्छी शिक्षा पाने के संघर्ष और अपने सपने को साकार होते देखने के लिए डटे रहने की लड़ाई को समाज के लिए प्रेरणा माना जा रहा है. रामचंद्रन कई लोगों के लिए आदर्श बन गए हैं.
केरल के सुदूर गांव में जन्मे रंजीत रामचंद्रन अपने माता-पिता के साथ मिट्टी के बने एक छोटे से घर में रहते थे. गुजारा करने के लिए रंजीत नाइट वॉचमैन के रूप में बीएसएनएल के एक टेलिफोन एक्सचेंज पर काम करते थे. जबकि उनके पिता रामचंद्रन एक दर्जी थे. मां मनरेगा में काम करती थीं.
आईआईएम मद्रास से हासिल की डॉक्टोरल डिग्री
रिपोर्ट के अनुसार रंजीत रामचंद्रन ने केरल के कान्हागढ़ के सेंट पियस कॉलेज से इकोनामिक्स (ऑनर्स) से ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने डॉक्टोरल डिग्री के लिए आईआईटी मद्रास में दाखिला लिया. लेकिन यहां उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. रंजीत ने बताया कि आईआईटी मद्रास में उन्हें भाषा को लेकर काफी समस्या हुई. उन्हें मलयालम के अलावा कोई अन्य भाषा नहीं आती थी. इसलिए यहां बातचीत तक मुश्किल थी. जिसके चलते वह पढ़ाई छोड़ना चाहते थे. हालांकि आईआईटी मद्रास में उनके प्रोफेसर डॉ. सुभाष ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया. आईआईटी मद्रास से डॉक्टोरल डिग्री हासिल करने के बाद रंजीत ने महीने तक क्राइट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर में भी पढ़ाया. इसके बाद उनकी जॉब आईआईएम रांची में लग गई. हालांकि उन्होंने बीच में कालीकट यूनिवर्सिटी में भी ट्राई किया. उनका नाम मेरिट लिस्ट में भी था. पर फाइनल सेलेक्शन नहीं हुआ.
फेसबुक पर लिखी पोस्ट हुई वायरल
रंजीत रामचंद्रन ने अपने स्ट्रगल और ट्रॉमा के बारे में एक फेसबुक पोस्ट में विस्तार से लिखा है. जिसके बाद उनका यह फेसबुक पोस्ट वायरल हो गया. इस फेसबुक पोस्ट में उन्होंने अपनी यह सफलता अपने गरीब माता-पिता को समर्पित किया है. उनके इस फेसबुक पोस्ट को अब तक 37000 से अधिक लाइक और काफी शेयर मिल चुके हैं. रंजीत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, मैनें कभी नहीं सोचा था कि मेरी फेसबुक पोस्ट इस तरह वायरल हो जाएगी.
पढ़ाई छोड़ना चाहते थे रंजीत
रंजीत रामचंद्रन ने अपन फेसबुक पोस्ट में लिखते हैं कि हायर सेकेंडरी में उनके काफी अच्छे मार्क्स थे. लेकिन खराब आर्थिक हालात और आसपास के दबाव के चलते मैं पढ़ाई छोड़ना चाहता था. हालांकि एक्सचेंज पर नाइट वॉचमैन की नौकरी मिल गई. जिसके बाद बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी पढ़ाई फिर से शुरू हो गई. सेंट पियस कॉलेज ने स्टेज पर बोलना सिखाया. यहां से आईआईटी मद्रास तक का सफर तय किया.
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Tags: IIM, Job and career, Success Story
FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 19:07 IST






