
परमजीत कुमार/देवघर: आषाढ़ महीने की मासिक दुर्गा अष्टमी का हिन्दू धर्म में अपना अलग ही महत्व है. इस साल मासिक दुर्गा अष्टमी 26 जून को पड़ रही है. गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि को ही मासिक दुर्गा अष्टमी भी है. मान्यता है कि इस योग में देवी मां की विधि-विधान से पूजा करने से मनचाहा फल मिलता है.
बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्ट्मी तिथि को मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत रखा जाता है. इस साल 26 जून दिन सोमवार को यह व्रत पड़ रहा है. इस दिन मां दुर्गा को डलिया (इसमें श्रृंगार, चुनरी व प्रसाद होता है) अर्पण करना चाहिए. साथ ही घी का दीपक जलाएं और रात भर जागरण करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. सभी कष्टों का निवारण होता है.
यहां जाने शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्ट्मी तिथि 26 जून को अहले सुबह 5 बजकर 26 मिनट से शुरू हो रहा है. अगले दिन 27 जून दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक अष्टमी तिथि रहने वाली है. शाम में माता की पूजा की जाती है. इसलिए 26 जून को ही अष्टमी तिथि का व्रत रखा जाएगा.
इस मंत्र का करें जाप
मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन सुबह स्नान कर माता दुर्गा के सामने बैठ कर ध्यान करना चाहिए. इसके बाद मां दुर्गा को लाल रंग की चुनरी चढ़ानी चाहिए और श्रृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए. वहीं उस दिन “आप्तशू मग्नः स्मरण त्वदियम करोमी दुर्गे करुणार्णवेषि” का मंत्र जाप करें. दावा किया कि इससे दुःख समाप्त हो जाएंगे.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 20:05 IST






