
इंदौर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव (MP Assembly Election 2023) से पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वजिय सिंह की एमपी की 66 सीटों की रिपोर्ट को लेकर सियासी बवाल शुरू हो गया है. दरअसल, शुक्रवार को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह को कमलनाथ के बजाय हमारे प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को यह रिपोर्ट सौंपनी चाहिए थी. आप यह 66 सीटें जीत रहे हैं. गृहमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है, कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा खुद परेशान है.
शोभा ओझा ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा को सुबह कुछ बोलना जरूरी होता है, चाहे वो कुछ भी अनर्गल बोलें. चाहे वो अभिनेत्रियों के कपड़ों पर कमेंट करें, चाहे वो किसी भी नॉन सीरियस विषय पर कमेंट करें, क्योंकि उनको जो काम गृहमंत्री का सौंपा गया है,उससे उन्हें कोई लेना देना नहीं. लॉ एंड ऑर्डर से उनका कोई लेना देना नहीं है.
शोभा ओझा ने साधा निशाना
शोभा ओझा ने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा रेप एमपी में हो रहे हैं. ट्रायबल एट्रोसिटी सबसे ज्यादा हमारे यहां है. दलितों पर अत्याचार यहां सबसे ज्यादा हो रहे है. इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए वो उन विषयों पर बोलेंगे जिसके कोई मायने नहीं होते है. मैं तो उनसे कहूंगी कि आखिरी के चार महीने बचे हैं. उसमें वो अपने दायित्व का पालन करें तो ज्यादा अच्छा होगा, बजाय इधर उधर ध्यान भटकाने के.
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की तीन बार से हार रही 66 सीटों की एनालिसिस की रिपोर्ट कमलनाथ को सौंप दी है. बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ इसका अध्ययन करने के बाद जल्द यहां प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर देंगे, क्योंकि इस रिपोर्ट में सभी दावेदारे के नाम और उनसे जुड़े रिकॉर्ड के साथ आंकड़े भी है. यही वजह है कि दावेदारों के नाम पर एक हफ्ते में मुहर लगनी शुरू हो जाएगी. हालांकि दावेदारों के टिकट का फाइनल फैसला कमलनाथ के सर्वे के बाद ही होगा. इसके लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चुनावी तैयारी को लेकर हर 10 दिन में क्षेत्रों का दौरा कर कमलनाथ को रिपोर्ट सौंपेंगे.
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FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 19:40 IST






