
नरेश पारीक/चूरू. कहते हैं सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती और इस बात को सच कर दिखाया है. चूरू के एक साधारण से किसान परिवार से आने वाले निर्मल आसेरी ने. निर्मल की सफलता की कहानी जितनी लाजवाब है. उतना ही कठिन निर्मल का संघर्ष था और उसी के दम पर निर्मल ने अपने पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा में SC कैटेगरी में 720 में से 618 अंक प्राप्त कर 401 वी रैंक हासिल की है.
निर्मल की सफलता आज उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सफलता को संसाधनों के पैमाने से नापते हैं. निर्मल चूरू जिले की तारानगर तहसील के भालेरी गांव का रहने वाला है. जहां से वह हर रोज स्कूल 60 किलोमीटर लंबी दूरी तय कर स्कूल से घर आता और जाता था. निर्मल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और गुरुजनों को दिया है. निर्मल के नीट एग्जाम क्लियर करने पर संस्था प्रधान जगदीश प्रसाद जागिड़ ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि निर्मल 11वीं और 12वीं में नियमित विद्यार्थी था, जिसने 12वीं बोर्ड में 86 प्रतिशत अंक हासिल किए.
सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की सफलता
निर्मल के पिता ने बताया कि निर्मल ने नीट की तैयारी कोई कोटा और सीकर में रहकर नहीं की. बल्कि, गांव में सेल्फ स्टडी के दम पर ये सफलता हासिल की है. निर्मल बताते हैं उन्होंने हर रोज करीब 8 से 9 घंटे की पढ़ाई की और कड़ी मेहनत से ये सफलता दर्ज की है.
लक्ष्य बनाकर करें तैयारी
निर्मल की इस सफलता से अब ना सिर्फ निर्मल के परिजन बल्कि निर्मल के गुरुजन भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. निर्मल ने बताया कि कोई जरूरी नही की घर से बाहर जाने के बाद कोचिंग सेंटरों पर मोटी फीस भरने से आपको सफलता मिलेगी बल्कि कड़ी मेहनत और लक्ष्य बनाकर की गई पढ़ाई से भी ये संभव है.
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FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 20:48 IST






