Bhanu Saptami 2023 : हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व इस दिन करें भानु सप्तमी का व्रत और पूजा

ओम प्रयास/हरिद्वार. हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व होता है. भानु सप्तमी भगवान सूर्य के निमित्त मानने का विधान हैं. भानु सप्तमी का व्रत, सूर्य देव के निमित्त पूजा अर्चना करने और ताम्र पात्र में चंदन डालकर जल देने का से त्वचा रोग, पेट रोग, आंखों के रोग नहीं होते हैं. पंचांग के अनुसार भानु सप्तमी आषाढ़ माह की में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाती है. जून-जुलाई में सूर्य देव उत्तरायण में होने के कारण इस दौरान बहुत ज्यादा गर्मी और गर्म हवाओं हवाएं चलती हैं, जिस कारण व्यक्ति को सावधानियां बरतने की जरूरत होती है. साल 2023 में भानु सप्तमी 25 जून को रविवार के दिन मनाई जाएगी. भानु सप्तमी रविवार को होने के कारण इस साल लोगों को काफी फायदे मिलेंगे. व्यक्ति को भानु सप्तमी पर दोगुना फल प्राप्त होगा.

भानु सप्तमी के महत्व को लेकर हमने ज्योतिषाचार्य श्रीधर शर्मा शास्त्री से बातचीत की तो शर्मा श्रीधर शर्मा शास्त्री बताते हैं कि भानु सप्तमी का हिंदू धर्म में बहुत बड़ा महत्व है. इस दौरान सूर्य देव की पूजा अर्चना करने का विधान होता है. सूर्य देव सभी ग्रहों के स्वामी हैं और रोगों के देवता भी हैं. सूर्य देव की पूजा अर्चना करने से शरीर में होने वाले सभी रोग खत्म हो जाते हैं, साथ ही त्वचा रोग, पेट रोग आदि भी खत्म होने की धार्मिक मान्यता बताई गई है. ज्योतिषाचार्य श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि भानु सप्तमी पर सूर्य देव के निमित्त व्रत करने से कई फायदे होते हैं, साथ ही भानु सप्तमी पर सूर्य देव के निमित्त कोई भी शुभ कार्य पूजा आदि करने से व्यक्ति को लाभ मिलेगा है. वही उनका कहना है की संयोग से साल 2023 में भानु सप्तमी रविवार के दिन होने से इसका हजारों गुना फल व्यक्ति को मिलेगा. रविवार सूर्य देव का बहुत विशेष दिन माना गया है. इस दिन सूर्य देव के निमित्त पूजा, व्रत, सूर्यदेव को अर्घ्य देने आदि से व्यक्ति को कई गुना इसका लाभ मिलेगा.

सूर्य देव के बीज मंत्र का जाप करने से होगा लाभ
भानु सप्तमी आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन मनाई जाएगी इस दिन सूर्य देव के निमित्त कोई भी कार्य जैसे पूजा पाठ पूजा अर्चना भजन कीर्तन सूर्य देव को ताम्रपत्र में चंदन डालकर अर्घ देने से और उनके निमित्त व्रत आदि करने से व्यक्ति को कई फायदे होते हैं ऐसा करने से व्यक्ति को त्वचा रोग नहीं होते पेट रोग और अन्य शारीरिक समस्याएं दूर होने की धार्मिक मान्यता बताई गई है. साथ ही इस दिन सूर्य देव के बीज मंत्र का जाप करना भी विशेष लाभकारी बताया जाता है. आषाढ़ माह की भानु सप्तमी 25 जून को रविवार के दिन होने से इसका कई गुना फल मिलने की धार्मिक मान्यता भी बताएं गई है.

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Author: Jagran Times

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