
अंजली शर्मा / कन्नौज. कन्नौज जनपद में इस बार टमाटर के किसानों के चेहरे पर अपनी फसल देखकर मुस्कुराहट आई थी. लेकिन यह मुस्कुराहट ज्यादा देर बरकरार ना रह सकी. बंपर पैदावार के साथ महानगरों में टमाटर की कम मांग के चलते टमाटर के दामों में बड़ी गिरावट सामने आई है. जिसके चलते अब किसान परेशान और हैरान दिख रहे हैं. महज 15 दिन पहले 20 रूपए किलो ज्यादा बिक रहा टमाटर अब अपने आधे रेट पर आ गया है.
जनपद में गंगा और काली नदी के तराई इलाकों में करीब 800 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की जाती है. जिसमें गुगरापुर, जसोदा, जलालपुर से लेकर मानीमऊ बेल्ट में बड़े पैमाने पर टमाटर की फसल की जाती है. मई में 20 से 30 रूपए में बिकने वाला टमाटर जून के पहले ही सप्ताह में किसानों को दगा दे गया. सब्जी की दुकानों पर फुटकर में 5 से 7 रूपए किलो की दर से टमाटर बिकने लगा ऐसे में किसानों को बड़ा नुकसान हुआ.
टमाटर की गिरती कीमत से नही निकल रही लागत
किसान राजेश कुमार और धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 1 बीघा टमाटर की फसल में करीब 10 हज़ार रुपये की लागत आती है. मौजूदा समय में करीब 30 किलो टमाटर की ट्रे 70 से 80 रूपए में बिक रही है. इसमें लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है. मित्रसेनपुर के किसान पिंटू ने बताया कि टमाटर तैयार होते ही भाव गिर गया है. इसके बाद भी बाजार में मांग नहीं है इससे इसकी खपत में दिक्कत आ रही है.
कन्नौज के किसानों को भारी नुकसान
जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि जिले में हर साल कानपुर, फिरोजाबाद, लखनऊ और दिल्ली तक टमाटर भेजा जाता था. लेकिन इस बार पड़ोसी जनपदों में भी बड़े पैमाने पर टमाटर की पैदावार हुई है. महानगरों की मंडियों में अन्य जनपदों से टमाटर पहुंचने से हमारे कन्नौज जिले से टमाटर की डिमांड कम हुई है. इससे खपत पर प्रभाव पड़ा है. जून के अंत तक सस्ता होने वाला टमाटर जून के पहले सप्ताह में इसी कारण सस्ता हो गया है.
.
Tags: Food 18, Kannauj news, Latest hindi news, Local18, UP news
FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 16:27 IST






