Ashadha Amavasya 2023: देवघर के ज्योतिषाचार्य से जानें पितरों की नाराजगी दूर करने की विधि, होगी बरकत

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परमजीत कुमार/देवघर. आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सूर्य भगवान की पूजा के साथ पिंडदान के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है. पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत 17 जून शनिवार सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर हो रही है. इस दिन नाराज पितरों को मनाने की मान्यता है.

बैद्यनाथधाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने लोकल18 को बताया कि जब पितर नाराज होते हैं तो घर में कलह बढ़ती है. इससे पूरे परिवार का विकास रुक जाता है और कोई भी कार्य सफल नहीं हो पाता. आसाढ़ अमावस्या के दिन किसी नदी किनारे पितरों को पिंडदान करने से पितर खुश होते हैं.

मुदगल ने बताया कि यदि आपके घर की दीवार पर पीपल का पेड़ उग आए, घर में हमेशा लड़ाई झगड़ा होता रहे, तो जो भी कार्य आप कर रहे हों उसमें सफलता नहीं मिलेगी. परिवार में एक के बाद एक सदस्य बीमार हो रहे हों तो समझ जाना चाहिए कि यह पितरों के दोष या नाराजगी के कारण हो रहा है. पितरों को शांत करने से इससे मुक्ति मिलती है.

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि पितरों की शान्ति के लिए आसाढ़ महीने के अमावस्या के दिन पिंडदान करें. उनका श्राद्ध कर्म करें. ब्राह्मणों को दान दें, भोजन कराएं. कौआ, गाय, पक्षियों को भोजन दें. पितर दोष से मुक्ति के लिए गौदान भी किया जाता है.

आषाढ़ माह के अमावस्या के दिन 17 जून को पितरों की पूजा का समय सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर 2 बजकर 30 मिनट तक है. इस समय में आपको पितरों के निमित्त श्राद्ध, पिंडदान, तर्पण आदि करना चाहिए.

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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 17:14 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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