
गुलशन सिंह/बक्सर. सदर प्रखंड क्षेत्र के अर्जुनपुर पंचायत में किसानों के सब्जी की खेती को लेकर ललक देखी जा रही है. यहां के किसान बड़े पैमाने पर अलग-अलग सब्जियों की मिश्रित खेती करते है. वहीं नेनुआ की खेती से स्थानीय किसानों की तकदीर बदल रही है. प्रगतिशील किसान आशुतोष राय दो बीघा में नेनुआ की खेती कर रहे हैं.
किसान आशुतोष ने बताया कि खेती-बाड़ी उनका खनदानी पेशा है. इससे पहले उनके पिता जी और दादा जी पारम्परिक तरीके से खेती करते थे. लेकिन, अब आधुनिक व जैविक खेती करते है. उन्होंने बताया कि सब्जी की खेती लगभग 20 सालों से उनके यहां होते आ रहा है. इस बार 2 बीघा में नेनुआ और खीरा की मिश्रित खेती कर रहे हैं.
प्रचंड गर्मी में फसल उगाना बड़ी चुनौती
किसान आशुतोष ने बताया कि भोजपुर बीज भंडार से नेनुआ तथा खीरे का बीज लाकर मार्च माह में बुआई किया था. सबसे पहले खेत की जुताई कराकर अच्छे तरीके से खरपतवारों को खेत से निकालने के बाद छह हाथ की दूरी पर प्रत्येक थल्ले में नेनुआ के तीन-तीन बीज को बोया था. वहीं इसके साथ खीरे भी लगाए हैं.
उन्होंने बताया कि प्रचंड गर्मी व अधिक तापमान के कारण खेतों में नमी बरकरार रखने के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक चुनौती रही. हालांकि कड़ी मेहनत के बाद फसल निकलना शुरू हुआ. उन्होंने बताया कि फसल निकलने के शुरुआती दिनों में एक दिन में 1 क्विंटल से ज्यादा नेनुआ निकला. जिसे उचित कीमतों पर बेच कर अच्छा मुनाफा कमाया.
प्रति एकड़ 20 हजार आया लागत
किसान आशुतोष ने बताया कि अब बाजार में 10 रुपए प्रति किलो के रेट से नेनुआ की बिक्री हो रही है. उन्होंने बताया कि एक बीघा में लगभग 20 हजार लागत आई है. वहीं व्हाईट फ्लाई बीमारी लगने से फसल को थोडा नुकसान पहुंचता है, लेकिन, उसके लिए दवा का छिड़काव करते है. उन्होंने बताया कि तापमान अधिक होने के कारण हर चार दिन पर खेत में लगे फसलों की सिंचाई करना पड़ रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 22:48 IST






