
ईशा बिरोरिया, ऋषिकेश: ऋषिकेश के भद्रकाली में स्थित शिवालिक जैव विविधता पार्क में संजीवनी हर्बल गार्डन के साथ-साथ एकऔषधीय पौधशाला भी है. जहां कई सारे औषधीय पौधे मौजूद है. उन सभी पौधों के बीच वहां ऐसे पौधे भी मौजूद है जो अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है. हम बात कर रहे हैं पारिजात और कल्पवृक्ष की. जब देवताओं और दानवों के बीच अमृत मंथन हुआ था. तो उसमें कालकूट वृक्ष के साथ ही 14 रत्न निकले थे. उन्हीं 14 रत्नों में से 2 रत्न पारिजात वृक्ष और कल्पवृक्ष थे, जो दोनों ही इस औषधीय पौधशाला में मौजूद है.
पारिजात और कल्पवृक्ष अपने आप में ही काफी गुणकारी पौधे हैं. न्यूज 18 के साथ हुई बातचीत के दौरान शिवालिक जैव विविधता पार्क के वन दरोगा राकेश रावत जी बताते है कि यह उनके लिए बड़ी सौभाग्य की बात है कि अमृत मंथन में निकले हुए 2 रत्न उनके पास यहां मौजूद है. साथ ही साथ वे इन पौधों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बताते हैं कि पारिजात वृक्ष को भगवान इंद्र स्वर्ग लेकर गए थे और धरती की समस्याओं के निवारण के लिए वापस से भगवान श्री कृष्ण इन्हें धरती पर ले आए थे. कल्पवृक्ष भी काफी महत्वपूर्ण वृक्ष है, इसके नीचे बैठकर मांगी गई इच्छाएं पूरी होती है.
काफी गुणकारी है यह दोनों ही पौधे
वे बताते हैं कि पारिजात को हार सिंगार भी कहा जाता है. यह काफी औषधीय पौधा है. साथ ही साथ इसे देव वृक्ष भी कहा जाता है. वहीं इसके लाभ की बात करें तो इसके पत्तों को उबालकर पांव की सूजन दूर होती है. और साथ ही इसके फूलों के पत्तों को चाय में डालने से शुगर कंट्रोल में रहता है. वहीं कल्पवृक्ष की नीचे सकारात्मक ऊर्जा का आभास होता है. और मान्यता है कि इस पेड़ के नीचे बैठकर मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं. वे बताते हैं कि इस कल्पवृक्ष के साथ अभी दिक्कत आ रही है. इसके फूल और बीज विकसित नहीं हो पा रहे हैंं, हालांकि इसके लिए वे नियंतर प्रयास कर रहे हैं.
ऋषिकेश आएं तो यहां का दीदार करना ना भूलें
अगर आप ऋषिकेश घूमने आते हैं तो एक बार भद्रकाली में स्थित शिवालिक जैव विविधता पार्क में औषधीय पौधशाला का दीदार जरूर करें. साथी ही साथ यहां आपको अमृत मंथन के समय निकले यह दो रत्न पारिजात और कल्पवृक्ष भी देखने को मिल जाएंगे.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 12:03 IST









