Samastipur News: भाषा पर हुई संगोष्ठी, उर्दू, संस्कृत व मैथिली के महत्त्व पर गंभीर चर्चा

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रिपोर्ट : रितेश कुमार

समस्तीपुर. समस्तीपुर कॉलेज में उर्दू, संस्कृत व मैथिली विभाग की ओर से एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. सत्येन कुमार ने कहा कि हम जीवन भाषा में ही जीते हैं. भाषा एक अर्जित व सामाजिक संपत्ति होती है. यह परिवर्तनशील होती है. आज यदि हम इसके महत्त्व पर बात करें जो कि इस संगोष्ठी का केन्द्रीय तत्त्व है, तो इससे हम सभी सहमत हो सकते हैं कि यह संगोष्ठी ही क्या कोई भी विचार या भाव बिना भाषा के रूप ही नहीं ले सकता है. भाषा मनुष्य का वह प्राण तत्त्व है, जिससे जीवन सार्थक हो पाता है. आज की सदी भाषा की सदी है. जिसमें अपार संभावनाएं हैं. आज का पूरा संचार तंत्र चाहे वह विज्ञापन हो या सूचना – सबकी आत्मा भाषा ही है.भाषा का जितना महत्व शिष्ट समाज के लिए है उतना ही लोक के लिए भी.

जनजीवन में भाषा

इस संगोष्ठी की शुरुआत दीप प्रज्वलन व जयचंद झा व छात्रों के मंगलाचरण से हुआ. जिसके बाद संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दुर्गेश राय ने संगोष्ठी के अध्यक्ष डॉ. सत्येन कुमार का अभिनंदन किया. संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन डॉ. सफवान सफवी ने किया. छात्र पुष्कर कुमार ने संस्कृत भाषा के महत्त्व व समसामयिक प्रासंगिकता पर अपना सारगर्भित आलेख पढ़ा. इसके बाद उर्दू विभाग के छात्र मोहम्मद इरफ़ान ने नज़्म प्रस्तुत किया. वहीं मैथिली विभाग के छात्र मुकुंद कुमार ने मैथिली के महत्त्व पर अपना आलेख पढ़ा.

भाषाओं में वर्चस्व तोड़ने की बात

हिन्दी विभाग के प्राध्यापक डॉ. आशीष पांडेय ने संस्कृत, हिन्दी अंग्रजी, उर्दू व मैथिली आदि भाषाओं के महत्त्व को रेखांकित करते हुए भाषाओं में वर्चस्व को तोड़ने की बात की. मौके पर रसायन विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल, इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अशोक, जन्तु विज्ञान के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एसएन तिवारी, दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल मनहर अपनी बात रखी. मंच संचालन उर्दू विभाग के सालिहा सिद्दीकी व धन्यवाद संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. दुर्गेश राय ने किया. संगोष्ठी में महाविद्यालय परिवार के सभी शिक्षक व शिक्षकेत्तर व सैंकड़ों की संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे.

Tags: Language, Samastipur news, Sanskrit language

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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