बापोड़ा गांव के एनसीसी कैडेट्स की शानदार पहल ! देश के शहीदों और सेना के प्रति सम्मान को किया जाएगा जागृत

जगबीर घणघस/भिवानी. गर्मी की छुट्टियां बच्चों के लिए सिर्फ मौज-मस्ती नहीं है. अगर अभिभावक और स्कूल चाहे तो इस वक्त को वो बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने या कुछ नया करने,नया सीखने में इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसा ही कुछ किया है भिवानी के बापोड़ा गांव के एनसीसी कैडेट्स ने. इन्होंने देश की सेवा व रक्षा के लिए नई पहल की है. इन बच्चों ने मिलकर फैसला किया कि ये अपने गांव में लगे आर्मी टैंक और शहीदों की प्रतिमाओं की सफाई करेंगे. बस फिर क्या था बच्चों ने मिलकर आर्मी टैंक और शहीदों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई कर देश के बाकी बच्चों के लिए भी उदाहरण पेश किया.

आर्मी का यह टैंक भिवानी के पास गांव बापोड़ा में स्थापित किया गया है. बापोड़ा गांव पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह का पैतृक गांव है. उन्होंने ही गांव के मुख्य द्वार पर यह टैंक स्थापित किया था. अब इस गांव के सरकारी स्कूल के एनसीसी कैडेट्सने इसे गोद लिया है और हर 10-15 दिन में इस टैंक व आस पास में साफ-सफाई करते हैं. और टैंक की सजावट करते हैं.कोई झाड़ू से तो कोई कपड़े से सफाई करता है. साफ-सफाई कर टैंक को फूलों की मालाओं व तिरंगे झंडे लगा कर सजाया जाता है. ताकि यहां से गुजरने वाले हर इंसान के मन व दिल में देश भक्ति व सेवा की भावना जागृत हो.

शहीदों की वीरता का प्रतीक है आर्मी का टैंक
एनसीसी कैडेट दिक्षित और मनोज कौशिक ने बताया कि आर्मी टैंक हमारे सैनिकों की वीरता की निशानी है. हम यहां साफ-सफाई व सजावट करते हैं उन्होंने कहा कि हमने इस टैंक को गोद लिया है. हम भी बड़े होकर सेना में भर्ती होंगे और देश की रक्षा करेंगे. स्कूल की एनसीसी इंचार्ज प्रोमिला ने बताया कि ये टैंक शहीदों की वीरता का प्रतीक है. इसलिए हमने इसे गोद लिया है. उन्होंने कहा कि इसकी साफ-सफाई से बच्चों में देश भक्ति की भावना आएगी और आगे चलकर वो कहीं भी, किसी भी हाल में हों, पर उनके मन में देश भक्ति कम नहीं होगी. वहीं स्कूल के प्रिंसिपल राजेश कुमार ने बताया कि बच्चे में देश भक्ति की भावना प्रकट करने के लिए इस टैंक व शहीदों की प्रतिमाओं को गोद लिया गया है.

एनसीसी कैडेट्स की पहल की हो रही है तारीफ
अपने गांव के स्कूल के एनसीसी कैडेट्स और अध्यापकों की इस पहल से गांव वाले भी बेहद खुश हैं.ग्रामीण वीरेंद्र बापोड़ा ने कहा कि कई जगह शहीदों की प्रतिमाएं व टैंक स्थापित कर दिए जाते हैं पर उनकी देखभाल नहीं होती. पर हमारे गांव में इनको गोद लेकर बच्चे व अध्यापक साफ-सफाई करतें हैं तो देख कर ख़ुशी होती है. उन्होंने कहा कि ये सब देख आस-पास के गांव के बच्चे भी अपने गांव में ये पहल करने लगे हैं.

सेना की मजबूती से तय होता है देश का रुतबा
कहते हैं कि किसी भी देश की मज़बूती उस देश की सेना की मज़बूती से आंकी जाती है और सेना की मज़बूती उस देश के युवाओं में सेना के प्रति रुझान व सम्मान से होती है. ऐसे में बापोड़ा गांव के ये बच्चे ना केवल सराहनीय कार्य कर रहे हैं, बल्कि देश के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा भी बने हैं.

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Author: Jagran Times

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