
सोनीपत/नितिन अंतिल. बीते मंगलवार सोनीपत के सेक्टर 23 के एक मकान में पिंजरे में कैद 100 से ज्यादा बंदर बंद मिले थे . इसमे से कुछ बंदर मृत अवस्था में बोरे में बंद पाए गए थे. जिसके बाद आसपास के स्थानीय निवासियों ने जमकर हंगामा किया था .मौके पर सिटी थाना पुलिस ने पहुंचकर बंदर पकड़ने वाले आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया था.
जांच में कुल 9 बंदरों की मौत सामने आई थी. जिसके बाद मृत सभी बंदरों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था. फिलहाल मामले में पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.वहीं गिरफ्तार आरोपी ठेकेदार हरीश को कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने हरीश की जमानत याचिका का मंजूर करते हुए उसे जमानत दे दी है. लेकिन आरोपी ठेकेदार हरीश नगर निगम की तरफ से उसे कोई राहत नहीं दी गई है. नगर निगम ने मामले में कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है और बंदरों को पकड़ने के लिए दी गई राशि भी जब्त कर लिया है.
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था मुकदमा
बता दें कि सोनीपत नगर निगम द्वारा हरीश नाम के ठेकेदार को बंदर पकड़ने का टेंडर दे रखा था.जिसके तहत ठेकेदार 1800 रुपये एक बंदर को पकड़ने के लिए लेता था.आरोपी ठेकेदार हरीश बंदरो को पकड़कर वह सेक्टर 23 में एक मकान में पिंजरो में रखता था. भूख- प्यास से 9 बंदरों की मौत हो गई थी. जिसे बोरे में बंद कर ठेकेदार ने मकान की दीवार के दूसरी तरफ फेंक दिया था. आसपास के लोगों को जब उस मकान के पास से बदबू आनी शुरू हुई तो उन्हें घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने भी पशु क्रूरता अधिनियम के तहत ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था पर अब कोर्ट ने ठेकेदार को राहत देते हुए उसे जमानत दे दी है.
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FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 16:29 IST






