कहां से ट्रेनिंग ले रहे ChatGPT और गूगल के AI? कैसे पा रहे इतना जबरदस्त ज्ञान, खुल गया राज

हाइलाइट्स

ओपनएआई प्रशिक्षण के लिए कर रही यूट्यूब वीडियो का इस्‍तेमाल.
वीडियो से जल्‍दी और बेहतर तरीके से दक्ष होते हैं एआई मॉडल.
मेटा एआई हेड भी कर चुके हैं इस बात की तस्‍दीक.

नई दिल्‍ली. ओपनएआई (OpenAI) के चैटजीपीटी (ChatGPT) की लोकप्रियता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को खूब शोहरत बख्‍शी है. हर क्षेत्र में अब एआई का इस्‍तेमाल हो रहा है. एआई चैटबॉट्स का उपयोग करके लोग कई तरह के अनोखे काम भी कर रहे हैं. चैटजीपीटी तो वो काम भी चुटकियों में कर देता है, जिसके बारे में पहले सोचा ही नहीं गया था कि मशीन कर सकती है. लेकिन, सवाल यह उठता है कि आखिर ओपनएआई हो या गूगल, वह अपने एआई मॉडल्‍स को इतना दक्ष कैसे बना रही हैं? दुनिया भर का ज्ञान इनमें भरने के लिए कौन सी जादू की छड़ी चला रही हैं कि वे सबकुछ फटाफट सीख लेते हैं और काम पर लग जाते हैं? अब इस राज से भी पर्दा उठ गया है.

द इन्‍फॉर्मेशन की ए‍क रिपोर्ट के अनुसार, चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी, ओपनएआई के बारे में पता चला है कि वह अपने स्‍पीच-टू-टैक्‍स्‍ट लैंग्‍वेज मॉडल व्हिस्‍पर को ट्रेनिंग देने के लिए यूट्यूब वीडियो का इस्‍तेमाल कर रही है. व्हिस्‍पर के ट्रेनिंग डाटा से यह बात पता चली है. व्हिस्‍पर की सहायता से ही कंपनी ने चैटजीपीटी बनाया है. कहा जा रहा है कि गूगल भी बार्ड को प्रशिक्षित करने के लिए यूट्यूब वीडियो का जमकर इस्‍तेमाल कर रही है.

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मेटा में भी हो रहा इस्‍तेमाल
फेसबुक (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) के एआई चीफ यान लेकन भी इस बात की तस्‍दीक कर चुके हैं कि एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने में वीडियो अहम योगदान दे सकते हैं. उनका कहना है कि वे वीडियो ट्रेनिंग डाटा का इस्‍तेमाल करते हैं. एक मेटा एआई पोस्‍ट में लेकन ने लिखा है कि एक ज्वाइंट एंबेडिंग प्रिडिक्टिव आर्किटेक्चर दुनिया के बारे में वीडियो देख कर सीख सकता है और इसके एनवायरमेंट से बातचीत कर सकता है. वीडियो के भीतर की घटनाओं की भविष्‍यवाणी के लिए स्‍वयं को प्रशिक्षित करके आर्किटेक्‍चर दुनिया का पदानुक्रमित रिप्रजेंटेशन (Hierarchical Representations) पैदा कर सकता है.

वीडियो ट्रेनिंग से बनते हैं होशियार 
लेकन की बातों से साफ है कि एआई मॉडल्‍स को इंसानों की तरह सोचने-समझने के काबिल बनाने में वीडियो की काफी अहमियत है. इस काम के लिए केवल टेक्‍स्‍ट डाटा ट्रेनिंग पर ही निर्भर नहीं रहा जा सकता. हालांकि, कुछ काम के लिए टेक्‍स्‍ट ही सबसे अच्‍छा रिर्सोस है.

एआई कर रहा इंसान के काम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने अब इंसानों द्वारा किए जाने वाले काम करने शुरू कर दिए है. इसका उदाहरण इंग्‍लैंड में देखने को मिला है. ब्रिटेन की एनर्जी कंपनी ऑक्‍टोपस में एआई ग्राहकों के ई-मेल का जवाब दे रहा है. 250 कर्मचारियों का काम अकेले एआई के सहारे हो रहा है. खास बात यह है कि एआई को ई-मेल का जवाब देने का काम सौंपने के बाद ग्राहकों के संतुष्‍ट होने की दर में भी  इजाफा हुआ है.

Tags: Artificial Intelligence, Facebook, Google, Tech News in hindi

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Author: Jagran Times

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