
उधव कृष्ण/पटना. प्रदेश के को-ऑपरेटिव यानी सहकारी बैंक भी अब गोल्ड के बदले लोन दे पाएंगे. रिजर्व बैंक ने सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों को इस फैसले की जानकारी दी है. वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए जारी मॉनीटरी पॉलिसी स्टेटमेंट के तहत यह प्रावधान किया गया है. आरबीआई ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. रिजर्व बैंक के प्रधान मुख्य महाप्रबंधक ए. उद्गाता के हस्ताक्षर से को-ऑपरेटिव बैंकों के सीईओ को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया गया है.
आरबीआईकी ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि को-ऑपरेटिव बैंक भी अब कॉमर्शियल बैंकों की तरह सिक्योरिटी के रूप में गोल्ड रखकर लोन दे सकते हैं.
50 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए सोने की मात्रा
लोन हेतु सोने की मात्रा 50 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए. लोन लेने के लिए सिक्योरिटी के रूप में रखे जाने वाले गोल्ड आभूषण या बैंकों की ओर से बेचे जाने वाले ढलवा सोने के रूप में होने चाहिए. हालांकि, इस तरह लोन देने या नहीं देने के मामले में को-ऑपरेटिव बैंकों के प्रबंधन का फैसला ही अंतिम माना जाएगा.
1 जुलाई से बिहार में होगी शुरुआत
चालू वित्तीय वर्ष में पहली जुलाई से सबसे पहले बिहार स्टेट को-आपरेटिव बैंक में गोल्ड लोन की शुरुआत की जाएगी. इसके बाद सभी 23 जिला सेंट्रल को-आपरेटिव बैंकों की सभी 296 बैंक शाखाओं में गोल्ड लोन स्कीम को लागू किया जाएगा. विशेष बात यह कि राज्य के सभी को-आपरेटिव बैंकों को पहली बार इस योजना का लाभ मिलेगा.
RBI के दिशा-निर्देश के मुताबिक, मॉनीटरीपॉलिसी स्टेटमेंट के तहत बिहार के को-आपरेटिव बैंकों में गोल्ड लोन स्कीम का प्रावधान किया गया है. रिजर्व बैंक के ताजा निर्देश से सहकारी बैंकों की ग्रामीण शाखाओं को लोन देने में काफी सहूलियत होगी. खासकर महिलाएं लोन के बदले साहूकारों के हाथ अपना गहना गंवाने से बच जाएंगी.
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FIRST PUBLISHED : June 16, 2023, 09:32 IST






