
विक्रम कुमार झा/पूर्णिया. रोहिणी नक्षत्र किसानों के लिए महत्वपूर्ण है. माना जाता है कि इस नक्षत्र में किसान खेती का काम शुरू करते हैं. बिहार के पूर्णिया के पंडित दयानाथ मिश्र कहते हैं कि गुरु पुष्य योग पड़ रहा है जिस कारण सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होने से किसानों पर सूर्य देव कृपा बरसाएंगे. वो कहते हैं कि जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो गर्मी पड़ती है, इसलिए रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से इस बार अच्छी बारिश और फसल की पैदावार अच्छी होगी.
पंडित दयानाथ मिश्र कहते हैं कि रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश हो जाने पर किसानों के लिए फायदेमंद होगा. रोहिणी नक्षत्र किसानों के लिए मुख्य नक्षत्र है. इससे लोग अपने खेतों में नये फसल की बीज की बुआई गिराना शुरू करते हैं. उन्होंने कहा कि रोहिणी नक्षत्र में मड़वा का उपज बहुत अधिक होता है, इसलिए रोहिणी नक्षत्र किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. वो कहते हैं कि कुल 27 नक्षत्र होते हैं जिसमें चार नक्षत्र रोहिणी, अर्दरा, हस्त सहित जो 15 दिनों तक रहता है. अन्य सभी नक्षत्र 13 दिनों तक रहते हैं.
इतने बजे से होगी रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश
उन्होंने कहा कि रोहिणी नक्षत्र इस बार 15 दिनों तक रहेगा. सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में रात्रि के 8.20 बजे चंद्रमा नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करेंगे, और यह आठ जून, 2023 के सुबह 6:40 बजे तक रहेगा. हालांकि, रोहिणी नक्षत्र में सूर्य पूरे 15 दिन तक रहते हैं. शुरुआत के नौ दिन में तापमान ज्यादा बढ़ने लगता है और गर्मी भी अपने चरम सीमा पर होती है इसलिए इसे नौतपा भी कहते हैं.
पंडित दयानाथ मिश्र ने कहा कि किसानों की अच्छी पैदावार होगी. किसानों का मुख्य समय रोहिणी नक्षत्र ही है. रोहिणी नक्षत्र से ही किसान अपना खेती का कार्य प्रारंभ करते हैं. रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के चले जाने से किसानों की अच्छी उपज और पैदावार होगी. उन्होंने कहा कि किसानों को इससे फायदा होगा और बरसात भी अच्छी होगी. उन्होंने कहा कि इससे पहले किसान बरसात के लिए आर्द्रा नक्षत्र के आने का इंतजार करते थे. लेकिन आज कल वैज्ञानिक दृष्टिकोण के हिसाब से लोग बरसात को समझते हैंं.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 11:21 IST









