
नरेश पारीक/चूरू. राजस्थान के चूरू में एक प्राचार्य का नवाचार देखने को मिला है. इन्होंने महाविद्यालय में कम्युनिटी बुक बैंक की स्थापना की है. प्राचार्य की इस पहल की आज हर कोई प्रशंसा कर रहा है. यहां अब महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को महंगी से महंगी किताब बिना कोई शुल्क मिल रही हैं. राजकीय विधि महाविद्यालय के प्राचार्य श्रवण कुमार सैनी ने बताया कि करीब 5 साल पहले साल 2019 में विधि महाविद्यालय में कम्युनिटी बुक बैंक की स्थापना की गई थी. आज इस कम्युनिटी बुक बैंक में करीब 1 हजार किताबे हैं.
कम्युनिटी बुक बैंक में रखी ये तमाम किताबे भामाशाह और महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों द्वारा भेंट की गई हैं और महाविद्यालय के नियमित अभ्यर्थी कभी भी अपना परिचय पत्र दिखाकर निःशुल्क ले जा सकते हैं और एग्जाम के बाद वापस जमा करवा सकते हैं. उन्होंने कहा इस कम्युनिटी बुक बैंक को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के पुस्तक मुहैया करवाने का है.
100 से 5 हजार रुपये तक की बुक
राजकीय विधि महाविद्यालय के प्राचार्य श्रवण कुमार सैनी ने कहा कम्युनिटी बुक बैंक में 100 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक कि बुक विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए निःशुल्क मिलती है. विधि महाविद्यालय के विद्यार्थी भूपेश बताते हैं महाविद्यालय में कम्युनिटी बुक बैंक की स्थापना होने से उन्हें अब अलग-अलग लेखकों की विधि की पुस्तकें पढ़ने के लिए निःशुल्क मिल रही है.
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FIRST PUBLISHED : May 27, 2023, 10:30 IST









