
हाइलाइट्स
भारतीय संविधान हर नागरिक को आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस का अधिकार देता है.
धारा 96 से लेकर 106 तक में आत्मरक्षा के अधिकार के नियम और प्रावधान बताए गए हैं.
संपत्ति की सुरक्षा के लिए बल प्रयोग करते हैं तो सामने वाली जान तक ले सकते हैं.
Property Knowledge : प्रॉपर्टी का मामला बड़ा ही उलझाऊ होता है. अगर इसे लेकर आप कोर्ट-कचहरी के चक्कर में पड़ गए तो समय और पैसा दोनों ही बर्बाद हो जाता है. ऐसे में कई बार डर लगता है कि अगर कोई आपकी प्रॉपर्टी पर कब्जा जमा ले तो क्या होगा. एक बार समझ आती है कि कानून का सहारा लिया जाए, लेकिन यह रास्ता को काफी लंबा पड़ता है. परेशान न हो, कानून आपको ऐसे अधिकार भी देता है जिसका इस्तेमाल कर आप आसानी से अपनी प्रॉपर्टी किसी के कब्जे से छुड़ा सकते हैं.
दरअसल, भारतीय संविधान हर नागरिक को आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस (Self Defence) का अधिकार देता है. संविधान की धारा 96 से लेकर 106 तक में आत्मरक्षा के अधिकार के नियम और प्रावधान बताए गए हैं. इसमें साफ कहा गया है कि कोई भी नागरिक अपनी जान और संपत्ति की सुरक्षा का अधिकार रखता है. यह अधिकार इस कदर आप लागू कर सकते हैं कि अगर कोई जबरदस्ती आपको या आपकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो आप उसकी जान तक ले सकते हैं. अमूमन कोर्ट के जरिये इस विवाद को सुलझाया जा सकता है, लेकिन इसमें लंबा समय लेगा. वहीं, आप सक्षम हैं तो कानून आपको बल प्रयोग के जरिये भी अपनी संपत्ति पाने का अधिकार देता है. अगर आप संपत्ति की सुरक्षा के लिए बल प्रयोग करते हैं तो सामने वाली जान तक ले सकते हैं. यानी आप ताकत के जरिये आपनी संपत्ति को किसी के कब्जे से छुड़ा सकते हैं. हालांकि आपको ऐसे विवाद से बचना चाहिए और किसी की जान लेने के बारे में कतई नहीं सोचना चाहिए. इसकी बड़ी वजह ये है कि फिर विवाद और ज्यादा बढ़ सकता है और कुछ भी हो सकता है.
कैसे काम करता है यह कानून
इस कानून के तहत अगर किसी ने आपकी संपत्ति पर कब्जा करके उस पर कोई निर्माण कार्य कर लिया है. साथ ही उसमें अपना सामान लाकर भी रख लिया है तो यह कानून आपको वापस अपनी संपत्ति पाने के लिए बल प्रयोग करने की इजाजत देता है. आप न सिर्फ उसकी संपत्ति को गिराकर यानी ढहाकर उस पर दोबारा कब्जा कर सकते हैं, बल्कि उसका सामान भी अपनी संपत्ति से निकालकर बाहर फेंक सकते हैं.
कानून भी लेगा आपका पक्ष
अमूमन किसी की संपत्ति या निर्माण को गिराने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, लेकिन आत्मरक्षा के अधिकार के कानून का संरक्षण अगर आपको प्राप्त होता है तो ऐसे मामलों में आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती है. इतना ही नहीं अगर दूसरा पक्ष आपके खिलाफ कोर्ट में या पुलिस में शिकायत करता है तो वहां भी आपके पक्ष में ही सुनवाई की जाएगी.
कितना नुकसान कर सकते हैं आप
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि इस कानून के तहत आपको भले ही संरक्षण प्राप्त हो और आप अपनी संपत्ति को ताकत क इस्तेमाल से बिना कोर्ट का चक्कर काटे भी हासिल कर सकते हैं, लेकिन इसकी कुछ पाबंदियां भी हैं. कानून यह तय करता है कि आप उतनी ही ताकत का इस्तेमाल कर सकते हैं, जितना कि सामने वाला आपके खिलाफ कर रहा है. यानी अगर आपकी प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले ने आप पर लाठी-डंडों से हमला किया है तो आप भी इसी का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर वह आप को गोली मारने की या जानलेवा हथियार से हमला करने की कोशिश करता है तो आप भी अपने बचाव में इसी तरह का घातक बल प्रयोग कर सकते हैं.
अगर प्रॉपर्टी को लेकर पहले से ही मुकदमा चल रहा है यानी आपने उसे खाली कराने के लिए कोर्ट में वाद दायर कर रखा है तो आप बल का प्रयोग नहीं कर सकते हैं. अगर आप ऐसा करते हैं तो यह आपके खिलाफ ही जाएगा और आपको भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है.
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Tags: Ancestral Property, Business news in hindi, Property, Property dispute, Property investment
FIRST PUBLISHED : May 09, 2023, 18:21 IST








